facebookmetapixel
Advertisement
‘आने वाला है बड़ा झटका, ईंधन की बढ़ती कीमतों से मचेगी खलबली’, बोले उदय कोटक: हमें तैयार रहने की जरूरतआर्थिक अनुमानों में विरोधाभास! क्या वाकई सुरक्षित है भारत का ‘मिडिल क्लास’ और घरेलू बजट?Q4 Results: डॉ. रेड्डीज, टॉरंट पावर से लेकर बर्जर पेंट्स तक, किस कंपनी का Q4 में कैसा रहा हाल?PM Modi Europe Visit: हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर पर रहेगा फोकस, नॉर्डिक समिट पर टिकीं सबकी नजरेंEditorial: राजकोषीय घाटा 5% तक पहुंचने की आशंका, पटरी से उतर सकता है देश का बजटRBI की नीतियों में कहां रह गई कमी? पेमेंट और क्षेत्रीय बैंकों के फेल होने के पीछे ‘डिजाइन’ दोषीरुपये में एतिहासिक गिरावट! पहली बार 95.75 के पार पहुंचा डॉलर, आम आदमी पर बढ़ेगा महंगाई का बोझIT कंपनियों ने निवेशकों पर लुटाया प्यार! AI के खतरों के बीच FY26 में दिया ₹1.3 लाख करोड़ का डिविडेंड और बायबैकन्यायपालिका में होगा बड़ा बदलाव! बुनियादी ढांचे के लिए ₹50,000 करोड़ के आवंटन की तैयारी में CJIPM Modi UAE Visit: होर्मुज संकट के बीच फुजैरा पर भारत की नजर, PM के दौरे में इसपर सबसे ज्यादा फोकस

क्रेडिट कार्ड टीसीएस पर उलझन दूर करे सरकार, बैंकों ने मांगा स्पष्टीकरण

Advertisement

क्रेडिट कार्ड के मामले में रकम बड़ी हो सकती है और हो सकता है कर वसूलने लायक रकम ही क्रेडिट कार्ड में न बचे

Last Updated- June 27, 2023 | 11:47 PM IST
Banks seek clarification from govt before TCS on credit cards kicks in
Business Standard

विदेश में क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च पर स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) लागू होने से पहले बैंकों ने सरकार से कुछ पहलुओं पर स्थिति साफ करने को कहा है। बैंकरों के अनुसार इसमें कई पहलुओं पर उलझन है। यह बताया ही नहीं गया है कि भुगतान एक से अधिक क्रेडिट कार्ड या बैंक खातों से होता है तब क्या होगा।

इस बारे में सार्वजनिक क्षेत्र के एक बड़े बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने इस विषय पर स्थिति साफ करने की मांग की है। सरकार से जवाब आना बाकी है।’ अधिकारी ने कहा, ‘अगर लेन-देन डेबिट कार्ड से होता तो बैंक खाते से कर की रकम काट लेता। मगर यहां बात क्रेडिट कार्ड की है। ग्राहक लेन-देन करने के बाद इसे रद्द कर दे तब क्या होगा?’

यह नियम 1 जुलाई से लागू होना है। मगर घटनाक्रम की करीबी जानकारी रखने वाले एक सरकारी सूत्र ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि वित्त मंत्रालय मामले पर विचार कर रहा है। उसने बताया कि 1 जुलाई की तारीख में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है किंतु इसे आगे बढ़ाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सूत्र ने यह भी कहा कि 1 जुलाई से पहले सरकार इस मसले पर स्थिति साफ कर देगी।

इस साल मई में सरकार ने कहा था कि विदेश में अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड से खर्च भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की उदार संप्रेषण योजना (एलआरएस) के अंतर्गत आएंगे। एलआरएस के अंतर्गत कोई व्यक्ति आरबीआई की अनुमति के बिना एक साल में अधिकतम 2.5 लाख डॉलर रकम विदेश भेज सकता है।

वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में एलआरएस के अंतर्गत विदेश यात्रा पर हुए खर्च और देश से बाहर भेजी गई रकम (शिक्षा एवं स्वास्थ्य प्रयोजनों को छोड़कर) पर टीसीएस की दर 5 प्रतिशत से बढ़कार 20 प्रतिशत कर दी गई थी। बाद में सरकार ने स्पष्ट किया कि क्रेडिट कार्ड से विदेश में एक साल में 7 लाख रुपये तक खर्च पर टीसीएस नहीं काटा जाएगा।

बैंकरों के अनुसार कोई व्यक्ति भुगतान करने के लिए अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकता है। उस सूरत में किसी भी बैंक को नहीं पता होगा कि उसने दूसरे क्रेडिट कार्ड से कितना खर्च कर लिया है।

एक और उलझन यह है कि बैंक खाते से लेन-देन होने पर कर अपने आप काट लिया जाएगा। मगर क्रेडिट कार्ड के मामले में रकम बड़ी हो सकती है और हो सकता है कर वसूलने लायक रकम ही क्रेडिट कार्ड में न बचे।

एक दूसरे बैंक अधिकारी ने कहा, ‘रकम बड़ी हुई तो हो सकता है क्रेडिट कार्ड में इतनी लिमिट ही न बचे कि कर काटा जा सके। दूसरी अहम बात यह है कि कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते से 10 लाख रुपये खर्च करता है और 5 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड से खर्च कर देता है तो दोनों खर्चों को या सभी खातों को एक साथ जोड़ने की कोई व्यवस्था ही नहीं है।’

अधिकारी ने कहा, ‘अगर 7 लाख रुपये 5 अलग-अलग क्रेडिट कार्डों से खर्च कर दिए गए तो हमें कैसे पता चलेगा।’बैंकों ने भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के सामने अपनी चिंता रखी हैं और आईबीए ने इसे सरकार के समक्ष रखा है।

Advertisement
First Published - June 27, 2023 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement