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बैंकिंग सेक्टर में नए सुधारों का यही सही समय, देश को छोटे नहीं बल्कि बड़े बैंकों की जरूरत: दीपक पारेख

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पारेख ने आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री की 118वीं सालाना आम बैठक में कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार तब किए जाने चाहिए जब ऋणदाता आर्थिक रूप से मजबूत हों

Last Updated- June 29, 2026 | 10:18 PM IST
Deepak Parekh
एचडीएफसी लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन व एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के चेयरमैन दीपक पारेख | फाइल फोटो

एचडीएफसी लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन व एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के चेयरमैन दीपक पारेख ने सोमवार को कहा कि अगर भारत को अपनी लंबी अवधि की वृद्धि की महत्वाकांक्षाओं के लिए धन मुहैया कराना है तो उसे बैंकिंग सुधारों के एक और दौर को आगे बढ़ाना चाहिए, ऋण मार्केट को मजबूत करना होगा व पूंजी जुटाने के स्रोतों का दायरा बढ़ाना चाहिए।

पारेख ने आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री की 118वीं सालाना आम बैठक में कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार तब किए जाने चाहिए जब ऋणदाता आर्थिक रूप से मजबूत हों। पारेख ने कहा, ‘भारत के बैंकिंग क्षेत्र को नए सुधारों की जरूरत है। ऐसा करने का सही समय तब है जब हालात अच्छे हों या बैंक सबसे मजबूत स्थिति में हों।’

उन्होंने क्षेत्र में विलय की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत को ‘कई छोटे बैंकों के बजाए कुछ बड़े बैंकों’ की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पहले ही विलय हो चुका है, लेकिन और विलय की गुंजाइश है। सरकार ने घोषणा की है कि वह इस दिशा में काम कर रही है।’

पारेख ने अतिरिक्त पूंजी लाने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सीमा बढ़ाने की बात भी कही। पारेख ने एक मजबूत घरेलू बॉन्ड मार्केट की जरूरत बताते हुए कहा कि देश की निवेश जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को पुरानी नीति के ढांचे से आगे बढ़ना होगा।

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First Published - June 29, 2026 | 10:13 PM IST

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