केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों व बसों को सड़कों से हटाने की मुहिम चला रही है। सरकार की इस मुहिम से सोमवार (29 जून)को तीन वाहन कंपनियां और जुड़ गईं। ये कंपनियां सरकारी योजना के तहत नए ट्रक व बस खरीदने वालों को डिस्काउंट देंगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए पुराने ट्रकों और बसों को आधुनिक (BS-VI) या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू की है।
दिल्ली–एनसीआर में पुराने बस व ट्रकों को हटाने की सरकारी प्रोत्साहन योजना से वोल्वो आइशर कमर्शियल व्हीकल्स (VECV), फोर्स मोटर्स (Force motors) और पिनैकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस (Pinnacle Mobility Solutions.) जुड़ गई। सोमवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इन तीनों वाहन निर्माताओं के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए।
Mou के तहत तीनों कंपनियां योजना के अंतर्गत खरीदे जाने वाले पात्र ट्रकों और बसों के एक्स-शोरूम मूल्य पर 8 प्रतिशत की छूट देंगी। वहीं, इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों पर भी उतनी ही छूट मिलेगी, जितनी समान श्रेणी के डीजल या पेट्रोल (आईसीई) वाहनों पर दी जाएगी।
वाहन कंपनियों की ओर से दी जाने वाली 8 प्रतिशत छूट के अलावा केंद्र सरकार पात्र खरीदारों को पांच वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और निर्धारित मासिक ईंधन वाउचर भी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, इस योजना में भाग लेने वाली राज्य सरकारें पात्र लाभार्थियों को 10 वर्षों तक मोटर व्हीकल टैक्स में 100 प्रतिशत तक की छूट और रजिस्ट्रेशन फीस में राहत देंगी।
इससे पहले अशोक लेलैंड, स्विच मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसएमएल महिंद्रा और डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स (DICV) भी इस योजना के लिए सरकार के साथ समझौता कर चुके हैं। तीन नई कंपनियों के जुड़ने के बाद अब इस योजना में शामिल 9 प्रमुख ओईएम (OEMs) की ट्रक और बस बाजार में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हो गई है।
केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए पुराने ट्रकों और बसों को आधुनिक (BS-VI) या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने हेतु ₹9,585 करोड़ की नई प्रोत्साहन योजना लागू की है। इसके तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाकर नया वाहन खरीदने पर 8% तक की छूट, 5% की ब्याज सब्सिडी और 5 साल तक फ्यूल वाउचर जैसे कई लाभ दिए जा रहे हैं।