देश के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार ने जुलाई में मासिक खुदरा बिक्री में अपना सबसे दमदार प्रदर्शन दर्ज किया है। इस दौरान बिक्री सालाना आधार पर 66 प्रतिशत बढ़कर 3,27,901 के अब तक के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई। दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहनों और वाणिज्यिक वाहनों की खरीद बढ़ने से ऐसा हुआ। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
खुदरा बिक्री जून में बेचे गए 3,10,268 ई-वाहनों की तुलना में 5.7 प्रतिशत अधिक रही। इस वृद्धि ने महीने के दौरान वाहनों की कुल खुदरा बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी को लगभग 12 प्रतिशत तक पहुंचा दिया। इससे उपभोक्ताओं और वाहन बेड़ा परिचालकों के बीच इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती स्वीकार्यता का पता चलता है।
फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि जुलाई के आंकड़ों ने बाजार में स्थायी बदलाव दर्शाया है, न कि मांग में अस्थायी वृद्धि को। उन्होंने कहा, ‘देश में किसी एक महीने में इतने इलेक्ट्रिक वाहन नहीं खरीदे गए, जितने इस साल जुलाई में खरीदे गए।’
उन्होंने कहा कि जहां इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री पहली बार दो लाख के पार हो गई और तिपहिया में इलेक्ट्रिक वाहन स्वाभाविक बन गए है, न कि विकल्प, वहीं यात्री वाहनों की मांग आपूर्ति से अधिक बनी रही है। उन्होंने विनिर्माताओं से त्योहारी सीजन से पहले उत्पादन संबंधी बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया। गिरिधर ने कहा, ‘ईवी की दिशा में यह बदलाव अब कोई अनुमान नहीं है। यह अब शोरूमों की हकीकत है और भारत (ग्रामीण क्षेत्र) इसकी अगुआई कर रहा है।’
इस बिक्री में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा बनी रही। उनकी खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 88.3 प्रतिशत बढ़कर 2,04,362 हो गई। इस श्रेणी ने पहली बार दो लाख मासिक बिक्री का आंकड़ा पार किया।
दूसरी ओर कुल दोपहिया वाहनों की बिक्री में उनकी हिस्सेदारी पिछले साल के 7.7 प्रतिशत से बढ़कर 11.2 फीसदी हो गई। टीवीएस मोटर ने 55,499 वाहनों की बिक्री के साथ अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखी। इसके बाद बजाज ऑटो और एथर एनर्जी का स्थान है। टीवीएस मोटर और बजाज ऑटो ने सालाना आधार पर इलेक्ट्रिक दोपहिया की अपनी बिक्री को दोगुना से अधिक कर लिया, जबकि ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री 23.5 प्रतिशत घटकर 14,106 रह गई।
इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन श्रेणी ने पैठ के मामले में देश मे ईवी परिवर्तन का नेतृत्व जारी रखा। खुदरा बिक्री 25.3 प्रतिशत बढ़कर 87,055 हो गई। इससे इस श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी पिछले साल जुलाई में दर्ज 60.3 प्रतिशत से बढ़कर 65.1 प्रतिशत हो गई। महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी और बजाज ऑटो इस श्रेणी में शीर्ष कंपनियां बनी रहीं।
यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों ने भी जोरदार वृद्धि देखी गई। उनकी खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 83.1 प्रतिशत बढ़कर 32,928 हो गई। लेकिन जून की तुलना में इस श्रेणी में पैठ की रफ्तार 7.9 प्रतिशत के स्तर पर अपरिवर्तित रही।
इससे पता चलता है कि अधिक मांग वाले मॉडलों की आपूर्ति की बाधाओं ने तेजी से अपनाने की दर को सीमित रखा। हालांकि सालाना आधार पर यात्री वाहन श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ जुलाई 2025 में दर्ज 5.1 प्रतिशत से काफी बढ़ गई। इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों ने सभी श्रेणियों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। इन खुदरा बिक्री 168.6 प्रतिशत बढ़कर 3,556 हो गई, जो पिछले साल 1,324 थी।