facebookmetapixel
टैक्स बदलाव से ज्यादा व्यय और राजकोषीय सुधारों पर केंद्रित होता आम बजटBMC Election: महानगरपालिका चुनाव में करीब 50% मतदान, एग्जिट पोल में भाजपा गठबंधन को बहुमतL&T Tech Q3FY26 results: मुनाफा 6% घटकर ₹302 करोड़ पर आया, नए लेबर कोड से बढ़ी लागतNFO Alert: खत्म हुआ इंतजार, इस दिन खुलेगा Parag Parikh Large Cap Fund; ₹1,000 से SIP शुरूIndia-EU trade deal: व्यापार समझौता 27 जनवरी तक संभव! EU नेता 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथिTrade Data: दिसंबर महीने में निर्यात 1.87% बढ़ा, आयात बढ़ने से व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर तक बढ़ाFlipkart डील पर टाइगर ग्लोबल को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कैपिटल गेन टैक्स छूट से किया इनकारमोटर बीमा में दबाव के बावजूद ICICI Lombard पर ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार, टारगेट ₹2300 तयजब शेयर बाजार लड़खड़ाया, तब BAFs ने संभाला; एक्सपर्ट्स बता रहे 2026 में क्यों हैं स्मार्ट चॉइसबजट 2026 से रियल एस्टेट को बड़ी उम्मीदें: अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग पर फोकस जरूरी

2 हजार के नोट हो रहे कम

Last Updated- December 12, 2022 | 4:21 AM IST

वित्तीय तंत्र से 2,000 रुपये के नोट धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं। इससे सीधा संकेत मिलता है कि बैंकिंग नियामक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बड़े मूल्य के नोट पर लेनदेन से जुड़ी निर्भरता कम करना चाहता है। वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये के नोट वित्तीय तंत्र में उतारे गए थे। मार्च 2018 तक 2,000 रुपये के 336.3 करोड़ नोट चलन में थे। आरबीआई द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2021 तक यह संख्या कम होकर 245.1 करोड़ रह गई। इस तरह, आरबीआई अब तक 2,000 रुपये के 91.2 करोड़ नोट वापस ले चुका है।
वित्तीय प्रणाली में जितने नोट प्रसार में थे उनमें 2,000 रुपये के नोट की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत थी। आबीआई के एक पूर्व डिप्टी गवर्नर ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘फटे-पुराने होने के कारण ये नोट आरबीआई के पास आएं होंगे जिन्हें नष्ट कर दिया गया होगा।

First Published - May 27, 2021 | 11:36 PM IST

संबंधित पोस्ट