facebookmetapixel
Amagi Media Labs IPO: 13 जनवरी से खुलेगा ₹1,789 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड तय; चेक करें जरुरी डिटेल्स$180 मिलियन के शेयर सौदे पर सेबी की सख्ती, BofA पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोपसोने को पछाड़कर आगे निकली चांदी, 12 साल के निचले स्तर पर पहुंचा गोल्ड-सिल्वर रेशियोStock To Buy: हाई से 40% नीचे मिल रहा आईटी स्टॉक, ब्रोकरेज ने कहा- खरीद लें; 71% तक चढ़ सकता है शेयरGold silver price today: चांदी तेज शुरुआत के बाद फिसली, सोना भी नरम; चेक करें ताजा भाव66 अंतरराष्ट्रीय संगठन अमेरिका से होंगे बाहर, ट्रंप ने ऑर्डर पर किए हस्ताक्षरजीवन बीमा क्षेत्र में कमीशन की सीमा तय करने की हो सकती है सिफारिशदुर्लभ मैग्नेट, बैटरी और सोलर सेल के स्वदेशीकरण की जरूरत: सीईएटीपीजी ने आईआईएफएल कैपिटल में 20% हिस्सेदारी के लिए फिर शुरू की बातचीतकम नॉमिनल जीडीपी वृद्धि के बावजूद 4.4% फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य संभव

सितंबर में सेवा क्षेत्र में 10 माह की सबसे सुस्त वृद्धि

एसऐंडपी ग्लोबल पीएमआई सूचकांक 57.7 पर

Last Updated- October 04, 2024 | 10:52 PM IST
इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचा कंपनियों में बढ़ेगा पूंजीगत खर्च , Employment focus to drive capex push for engineering, infra firms

सितंबर महीने में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 10 महीने के निचले स्तर पर रही है। शुक्रवार को जारी एक निजी कारोबारी सर्वे से पता चलता है कि नए कारोबार, अंतरराष्ट्रीय बिक्री और उत्पादन में सुस्ती रही और यह 2023 के आखिर की तुलना में सबसे कम दर से बढ़ा है।

एचएसबीसी द्वारा जारी और एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित समग्र पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सितंबर में घटकर 57.7 पर आ गया, जो अगस्त में 60.9 पर था। बहरहाल सूचकांक लगातार 38वें महीने तटस्थ 50 अंक के ऊपर बना हुआ है। 50 से ऊपर प्रसार और इससे नीचे संकुचन को दिखाता है।

सर्वे में कहा गया है, ‘सितंबर के प्रमुख सकारात्मक पहलुओं में रोजगार का ठोस सृजन, कारोबारी विश्वास में बढ़ोतरी और ढाई साल में बिक्री मूल्य में सबसे सुस्त वृद्धि शामिल है। ’सर्वे में शामिल कुछ लोगों ने उत्पादन में वृद्धि का श्रेय नए कारोबारी लाभ, सकारात्मक मांग के रुझान और प्रौद्योगिकी में निवेश को दिया है, लेकिन यह भी कहा कि कड़ी प्रतिस्पर्धा, लागत दबाव और उपभोक्ता वरीयता में बदलाव (अर्थात ऑनलाइन सेवाओं की ओर रुख) के कारण इस पर लगाम लगी है। इसी तरह से दूसरी वित्तीय तिमाही के आखिर में नई कारोबारी गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन इसकी रफ्तार 10 माह में सबसे सुस्त हैं।

First Published - October 4, 2024 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट