facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: कमाई का मौका या बड़ा रिस्क? आज इन स्टॉक्स में दिखेगा एक्शनAI इम्पैक्ट समिट में बिल गेट्स की भागीदारी पर सस्पेंस, वेबसाइट से हटा नाम, फाउंडेशन बोला: आएंगेदिल्ली HC में भिड़े सोशल मीडिया दिग्गज और बाबा रामदेव, पैरोडी व व्यंग्य को हटाने पर छिड़ी कानूनी जंगसुप्रीम कोर्ट की गंभीर चेतावनी: वकालत में AI का अंधाधुंध इस्तेमाल पड़ेगा भारी, गढ़े जा रहे फर्जी केससर्वोच्च न्यायालय की रेरा पर टिप्पणी से रियल एस्टेट में सख्त अनुपालन और प्रवर्तन पर ध्यान बढ़ने के आसारबिना सिबिल स्कोर के भी मिलेगा लोन: पहली बार कर्ज लेने वालों के लिए AI आधारित स्कोरिंग लाएगी सरकारNBFC सेक्टर में AI की क्रांति: बजाज और टाटा कैपिटल जैसे दिग्गज अब मशीनों से बांट रहे हैं करोड़ों का लोनबांग्लादेश के पीएम बने तारिक रहमान, भारत आने का न्योताIndia-US Trade: अमेरिका से आयात में 24% का बड़ा उछाल, ट्रंप की चिंता दूर करने की कोशिशमुंबई में जीईसी सम्मेलन: भारत अब एक भरोसेमंद वैश्विक भागीदार

Services PMI: मार्च में सर्विस सेक्टर की रफ्तार पड़ी धीमी

Advertisement
Last Updated- April 05, 2023 | 12:28 PM IST
Services PMI

देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में मार्च माह के दौरान नरमी रही जिससे इस सेक्टर की वृद्धि दर कम हुई है। बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह कहा गया है। पिछले महीने उत्पादन और बिक्री धीमी गति से बढ़े और भविष्य के परिदृश्य को लेकर सेवा प्रदाताओं के बीच विश्वास के कमजोर स्तर ने रोजगार सृजन को बाधित किया है।

मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक मार्च माह में घटकर 57.8 रह गया। फरवरी में यह 59.4 पर था।

फरवरी के मुकाबले ताजा आंकड़ा कम होने के बावजूद, यह 50 से ऊपर रहा और यह वृद्धि मांग की अनुकूल परिस्थितियों तथा नए कार्य में वृद्धि जारी रहने से हुई।

सेवा पीएमआई लगातार 20वें महीने 50 अंक से अधिक है। खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से अधिक अंक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से कम अंक का अर्थ संकुचन है।

एसएंडपी ग्‍लोबल मार्केट इंटेलीजेंस में ईकॉनोमिक्‍स एसोसिएट डायरेक्‍टर पॉलियाना डी लिमा ने बताया कि भारत के सर्विस सेक्‍टर में फरवरी में तेजी देखी गई जो नए बिजनेस और आउटपुट की बदौलत थी । देश में सेवा क्षेत्र की अर्थव्‍यवस्‍था पर लागत की कीमतों का दवाब कम रहा, ऐसा ही रुझान मैन्‍यूफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में भी देखा गया । यही वजह है कि लागत कीमत की वास्‍तविक महंगाई दर ढाई साल के निम्‍न स्‍तर पर देखी गई ।

इस हफ्ते जारी हुए मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पीएमआई के आंकड़े बताते हैं कि विनिर्माण गतिविधियों में मार्च में समाप्‍त हुई तिमाही के दौरान काफी तेजी से विस्‍तार हुआ है। हालांकि, सर्विसेज सेक्‍टर में सुस्‍ती से कंपोजिट इंडंक्‍स फरवरी के 59 प्रतिशत से घटकर मार्च में 58.4 के स्‍तर पर आ गया।

Advertisement
First Published - April 5, 2023 | 12:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement