facebookmetapixel
Advertisement
UPI MDR: 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% शुल्क देने को सिर्फ 17% कारोबारी तैयारKanohar Electricals IPO Listing: 8% प्रीमियम पर हुई लिस्टिंग, NSE पर ₹685 के पार पहुंचा शेयरGlass Wall Systems IPO की अच्छी शुरुआत, 6.6% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ शेयरUPI MDR से किस पर कितना असर? छोटे कारोबारियों ने जताई चिंता, Amazon-Zepto ने कही ये बातPrasol Chemicals Listing: कमजोर शुरुआत, ₹676 का शेयर ₹610 पर लिस्ट; निवेशकों को करीब 10% का झटकाHero Motors IPO: ₹1,000 करोड़ का IPO आज खुला; जानें प्राइस बैंड, GMP, लॉट साइज और पूरी जानकारीमहंगा कच्चा तेल और महंगे स्मॉल कैप, फिर भी कहां हैं मौके? एक्सपर्ट ने बताए 3 सेक्टरकर्ज महंगा होने की आशंका के बीच भी सोना 1,291 रुपये चढ़ा, चांदी 3,667 रुपये उछलीरूस से तेल खरीदना पड़ेगा महंगा? भारत पर 100% टैरिफ लगाने की राह में अमेरिका ने बढ़ाया कदमकच्चे तेल में गिरावट, ब्रेंट 108 डॉलर के करीब; अमेरिकी भंडार बढ़ने से कीमतों पर दबाव

खुदरा महंगाई चार माह के निचले स्तर पर

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:06 AM IST

खुदरा महंगाई अगस्त में चार महीनों के निचले स्तर पर आ गई। सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार लगातार दूसरे महीने खुदरा महंगाई केंद्रीय बैंक द्वारा तय सहज दायरे में रही। अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई घट कर 5.3 प्रतिशत रह गई, जो जुलाई में 5.59 प्रतिशत रही थी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आगामी महीनों में महंगाई में और कमी आ सकती है मगर आरबीआई उदारवादी मौद्रिक नीति जारी रखेगी। अर्थशास्त्रियों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अगले वित्त वर्ष में ब्याज दरें बढ़ाना जारी रख सकता है। 
खाद्य महंगाई अगस्त में पिछले 7 महीनों के निचले स्तर 3.11 प्रतिशत पर आ गई, जो जुलाई में 3.96 प्रतिशत के स्तर पर थी। अगस्त में ईंधन की कीमतों में तेजी देखी गई और यह बढ़कर 12.98 प्रतिशत के स्तर पर आ गई। पिछले महीने यह 12.38 प्रतिशत के स्तर पर थी। प्रमुख महंगाई दर (गैर- खाद्य एवं गैर-ईंधन) महंगाई दर कम होकर 5.5 प्रतिशत के स्तर पर आ गई, जो पिछले महीने 5.7 प्रतिशत के स्तर पर रही थी। 

अगस्त में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी)ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर का अनुमान 60 आधार अंक बढ़ाकर 5.7 प्रतिशत कर दिया था। एमपीसी ने कहा था कि केंद्र एवं राज्य सरकारों को पेट्रोल और डीजल में करों में कटौती कर महंगाई कम करनी चाहिए। लगातार 7वें महीने खुदरा महंगाई आरबीआई के सहज स्तर 5 प्रतिशत से ऊपर रही। 
इक्रा की अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि महंगाई दर में कमी आने से एमपीसी की आगामी बैठक में चिंताएं पहले की तरह नहीं रहेंंगी। नायर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) एमपीसी के अनुमान से थोड़ा कम रहने से नीतिगत मोर्चे पर हालात सामान्य होने में थोड़ा समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि एमपीसी की अगली बैठक में नीतिगत दरें यथावत रखी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े और त्योहारी मौसम के आंकड़े स्पष्टï रूप से बता देंगे कि देश में मांग की स्थिति क्या है। 

Advertisement
First Published - September 14, 2021 | 12:06 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement