facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, सख्त रुख से बाजार की चिंता बढ़ीविदेशी निवेशकों की खरीदारी से लगातार दूसरे दिन चढ़ा शेयर बाजार, सेंसेक्स 274 अंक मजबूतबजाज फाइनैंस का पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन, प्रॉफिट 29% बढ़ा, एसेट क्वालिटी में सुधारAI पर बड़ा दांव, बजाज फाइनैंस ने 10 साल में ₹40 लाख करोड़ AUM का रखा लक्ष्यRBI की मौद्रिक नीति से पहले जियो क्रेडिट, हीरो फिनकॉर्प समेत कंपनियों ने बॉन्ड से ₹2,520 करोड़ जुटाएदेशभर में केवल E-20 पेट्रोल बिक्री के लिए उपलब्ध, रसीद पर एथनॉल प्रतिशत दिखाना जरूरी नहीं: गडकरीप्राकृतिक आपदाओं से अनाज का नुकसान 77% घटा, FCI ने भंडारण व्यवस्था को बताया सुरक्षितGSTN ने नई E-Way Bill सुविधाएं वापस लीं, फिलहाल पुराने नियम ही रहेंगे लागूNEP 2020 के 6 साल बाद भी अधूरे लक्ष्य, फंडिंग और ढांचागत कमी बनी सबसे बड़ी चुनौतीHurun India Women Leaders 2026: प्रिया नायर टॉप पर, 117 महिला लीडर्स की लिस्ट में बढ़ी भारतीय बेटियों की मौजूदगी

दिसंबर तक 75 फीसदी खर्च करें पीएसयू

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 10:27 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को चालू वित्त वर्ष में दिसंबर अंत तक अपने पूंजीगत आवंटन का 75 प्रतिशत तक हिस्सा खर्च करने के लिए कहा है। वित्त मंत्री ने सोमवार को इन कंपनियों के अधिकारियों को यह निर्देश दिया। सरकार कोविड-19 महामारी से आर्थिक नुकसान कम से कम करने के लिए पूंजीगत एवं ढांचागत परियोजनाओं की रफ्तार थमने नहीं देना चाहती है।
 इस संबंध में जारी एक बयान के अनुसार सीतारमण ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कोयला मंत्रालयों के सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। इन मंत्रालयों के अधीनस्थ 14 केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। बयान में कहा गया, ‘वित्त मंत्री आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार तेज करने के लिए सभी संबंधित पक्षों से बात कर रही हैं और उसी कड़ी में यह चौथी बैठक थी।’
इन 14 सार्वजनिक उपक्रमों के समक्ष वित्त वर्ष 2020-21 में 1.15 लाख करोड़ रुपये संयुक्त पूंजीगत व्यय का लक्ष्य है। सीतारमण ने संबंधित सचिवों को इन उपक्रमों पर लगातार निगरानी रखने के लिए कहा और यह सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी कि ये अपने कुल पंजीगत व्यय का 75 प्रतिशत हिस्सा दिसंबर तिमाही तक खर्च करें। वित्त वर्ष की पहली छमाही तक इन उपक्रमों ने करीब 37,423 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो महज 32 प्रतिशत था। बयान के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 में इन कंपनियों ने 1.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय लक्ष्य के मुकाबले 1.16 लाख करोड़ रुपये (करीब 104 प्रतिशत) खर्च किए थे।
सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत व्यय का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए संबंधित मंत्रालयों के सचिवों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों के बीच अधिक समन्वय और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की अहम भूमिका का जिक्र  किया। उन्होंने इन उपक्रमों को समय रहते 2020-21 का पूंजीगत व्यय का लक्ष्य पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ये उपक्रम अगर बेहतर प्रदर्शन करेंगे तो कोविड-19 के झटके से उबरने में खासी मदद मिलेगी।

Advertisement
First Published - October 19, 2020 | 10:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement