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भारत की प्रति व्यक्ति आय विश्व में सबसे ज्यादा होने की उम्मीद, खाने के मामले में चीन को पछाड़ेंगे भारतीय: OECD-FAO रिपोर्ट

अगले दशक में अतिरिक्त वैश्विक खपत में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी दक्षिण व दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की होगी, जिसमें से आधा हिस्सा भारत का होगा।

Last Updated- July 22, 2024 | 8:40 PM IST
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भारत की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की दर 2024-33 के दौरान विश्व में सबसे ज्यादा 5.4  फीसदी सालाना रह सकती है। इससे भारत व अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अगले दशक में कृषि व मत्स्य उत्पादों की वैश्विक खपत बढ़ाने में मदद मिलेगी। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकनॉमिक कोऑपरेशन ऐंड डेवलपमेंट (OECD) और कृषि एवं खाद्य संगठन (FAO) की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

इस माह की शुरुआत में जारी ‘कृषि परिदृश्य 2024-33’ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों का वैश्विक खाद्य व कृषि खपत में असर बढ़ेगा। इन देशों में शहरी आबादी बढ़ने, तकनीकी उन्नति के कारण उत्पादन बढ़ने और आय का स्तर बढ़ने, चीन के घटते असर से आगे बढ़ने के कारण कृषि के वैश्विक तौर-तरीके में बदलाव होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इसके पहले के दशक में वैश्विक खपत की वृद्धि में चीन की हिस्सेदारी 28 फीसदी रही है, वहीं आने वाले दशक में उसकी हिस्सेदारी घटकर 11 फीसदी रह जाने की संभावना है। पोषण के तौर- तरीके में स्थिरता आने, आमदनी सुस्त होने और आबादी में गिरावट के कारण ऐसा अनुमान है। इसके विपरीत भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की वैश्विक खपत की वृद्धि में हिस्सेदारी 2033 तक बढ़कर 31 फीसदी हो जाने की उम्मीद है।’

इसके अलावा अगले दशक में अतिरिक्त वैश्विक खपत में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी दक्षिण व दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की होगी, जिसमें से आधा हिस्सा भारत का होगा। इंडिया रेटिंग्स में अर्थशास्त्री पारस जसराय ने कहा, ‘भारत की जीडीपी वृद्धि इस समय करीब 6.5 से 7 फीसदी है।

First Published - July 21, 2024 | 10:24 PM IST

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