facebookmetapixel
Advertisement
सरकार ने संसद में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ किया पेश, 10 साल तक जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रस्तावCryptocurrency में करते हैं लेन-देन? CBDT ने जारी की नई ट्रांजैक्शन-एक्सचेंज गाइडलाइन, जानें क्या बदलाNPS New Tools: NPS में पैसा लगा रहे हैं? PFRDA का नया टूल बताएगा किस फंड ने दिया सबसे बेहतर रिटर्नQ1 Results: PN गाडगिल ज्वेलर्स का मुनाफा 52% बढ़ा, शेयर में आई 8% की जोरदार तेजीग्रेड-ए मॉल स्पेस की किल्लत, सप्लाई से 4.5 गुना ज्यादा लीजिंग; क्या डेवलपर्स के लिए है मौका?Propshop Events & Exhibitions IPO: आज से खुला ₹29 करोड़ का SME IPO, जानें प्राइस बैंड, GMP और आवेदन से जुड़ी सभी जरूरी बातेंशांतिपूर्ण प्रदर्शन संरक्षित अधिकार, लेकिन आंदोलन के नाम पर पुलिस लाठीचार्ज सही नहीं: SCईरान-अमेरिका तनाव कम होने का असर! BPCL, HPCL और IOC के शेयरों में आई तेजी35% तक रिटर्न के लिए इन 7 स्टॉक्स पर BUY रेटिंग, ब्रोकरेज की सलाह- लॉन्ग टर्म रखें नजरियाEV बढ़ेंगे तो किन Power Stocks की चमकेगी किस्मत? NTPC और CG Power पर ब्रोकरेज की राय

अब इन्फ्रास्ट्रक्टर क्षेत्र पर पड़ा मंदी का डंडा

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 5:07 PM IST

अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी पिछले तीन महीने से मंदी का रुख बना हुआ है।


यह संकेत इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) के आंकड़ों से मिल रहा है। पिछले तीन महीने से वित्त के लिए यहां बहुत ही कम आवेदन आए हैं। आईआईएफसीएल लंबे समय के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को धन मुहैया कराती है।


आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक और चेयरमैन सुरिंदर सिंह कोहली का कहना है कि ‘पिछली जनवरी से हम मंदी देख रहे हैं। इस समय हमारे पास मंजूरी के लिए कोई परियोजना नहीं है।’ हाल के दिनों में कंपनी के पास कम से कम आधा दर्जन परियोजनाएं हमेशा रहती थीं।


इस समय फंड की मांग कम हुई है। यह उस हालत में है जबकि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 2012 तक 500 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत महसूस की जा रही है। चल रही परियोजनाओं के लिए भी फंड की मांग में कमी आई है। उदाहरण के लिए आईआईएफसीएल की इंडियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनीशिएटिव में 5 अरब डॉलर की योजना में भी बहुत कम प्रगति नजर आ रही है।


5 अरब डॉलर की योजना में दो घटक थे- डेट फंड का 3 अरब डॉलर और   इक्विटी फंड का 2 अरब डॉलर। यह फंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनैंस कंपनी (आईडीएफसी), सिटी ग्रुप और ब्लैकस्टोन द्वारा समर्थित था। डेट फंट, पिछले साल विदेशी पूंजी प्रवाह को रोकने के लिए बने बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) मानकों क ा शिकार हो गया। बहरहाल सब-प्राइम संकट ने सिटी ग्रुप जैसे इक्विटी फंड प्रमोटरों की योजना को शिथिल कर दिया है।


आईआईएफसीएल ने इक्विटी फंड के लिए 2.5 करोड़ डॉलर देने का वायदा किया था।  बहरहाल कंपनी अपनी लंदन की सहायक कंपनी के साथ काम शुरू करने की योजना बना रही है। इसमें 300 अरब डॉलर का इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड और 5 अरब डालर के लीवरेज फंड की योजना है। कोहली ने कहा कि आईआईएफसीए अपने लक्षित ऋणों के वितरण और लोन आवंटित करने की योजना पर अमल कर रही है।

Advertisement
First Published - March 26, 2008 | 11:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement