facebookmetapixel
Advertisement
‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावना

नोमूरा का अनुमान: अमेरिका में टैरिफ से मंदी की आशंका, भारत की GDP ग्रोथ घटाकर 5.8% की

Advertisement

मुद्रास्फीति के चलते फेड दरें देर से घटाएगा; निफ्टी में भी मामूली तेजी का अनुमान, मार्च 2026 तक 24,970 का टारगेट

Last Updated- April 24, 2025 | 11:09 PM IST
Nomura upgrades Indian stock market category

नोमूरा ने कहा कि व्यापार शुल्कों में बड़ी वृद्धि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीतिकारी होगी और इससे मंदी को बढ़ावा मिलेगा। नोमूरा के वैश्विक मैक्रो रिसर्च के प्रमुख रॉबर्ट सुब्बारामन का कहना है कि ऊंची कीमतों से उपभोक्ता मांग घटेगी और अनिश्चितता बढ़ने से व्यवसायी अपना निवेश कम करने पर जोर देंगे।

सुब्बारामन ने कहा, ‘अमेरिका की वृद्धि दर में तेज गिरावट आने जा रही है, जो मंदी के करीब होगी। हमारा पूर्वानुमान इस समय मंदी नहीं देख रहा है। लेकिन यह मंदी के काफी करीब है। इसलिए अमेरिका के लिए हमने पूरे वर्ष में 1.4 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया है। 2 अप्रैल से पहले हमारा अनुमान 2 फीसदी था। लेकिन अब हमने इसे घटा दिया है।’

सुब्बारामन ने कहा कि फेडरल रिजर्व दरों में कटौती की जल्दबाजी नहीं करेगा क्योंकि वह तब तक इंतजार करेगा जब तक यह स्पष्ट न हो जाए कि मुद्रास्फीति का सबसे बुरा दौर खत्म हो चुका है। शायद अमेरिकी केंद्रीय बैंक दिसंबर तक ही दरों में कटौती करेगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि उसने ट्रेड टैरिफ के प्रत्यक्ष और परोक्ष प्रभावों को ध्यान में रखते हुए भारत का जीडीपी वित्त वर्ष 2026 के आखिर तक 5.8 फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया है। नोमूरा में प्रबंध निदेशक एवं मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने कहा, ‘हम इस नजरिये से सहमत हैं कि मुद्रास्फीति कोई चुनौती नहीं है, इसलिए उम्मीद है कि इस वर्ष यह 4 फीसदी के आसपास रहेगी।’ लेकिन ब्रोकरेज ने कहा कि उसे व्यापार शुल्कों और अन्य वैश्विक चुनौतियों की वजह से
अल्पावधि में चक्रीय मंदी की आशंका है।

नोमूरा में कार्यकारी निदेशक और भारतीय मामलों के अर्थशास्त्री औरोदीप नंदी ने कहा, ‘हम घरेलू बैलेंस शीट पर दबाव देख रहे हैं। हमारे पास वास्तविक आय कम है, खासकर शहरी क्षेत्र में। निजी पूंजीगत व्यय चक्र संघर्ष कर रहा है। यही कारण है कि ट्रंप टैरिफ से पहले भी, हमारा वास्तव में जीडीपी वृद्धि अनुमान कम ही था। हमने वित्त वर्ष 2026 के लिए 6 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया था, जिसे अब घटाकर 5.8 फीसदी किया है।’

नोमूरा ने अनुमान जताया है कि निफ्टी अपने मौजूदा स्तर से निचले एक अंक में रिटर्न देगा। ब्रोकरेज ने मार्च 2026 तक निफ्टी के लिए 24,970 का लक्ष्य निर्धारित किया है जो गुरुवार के बंद (24,247) के मुकाबले महज 3 फीसदी की वृद्धि का संकेत है।

Advertisement
First Published - April 24, 2025 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement