अर्थव्यवस्था

वर्ष 2026 तक 7 प्रतिशत होगी भारत की GDP ग्रोथ, चीन की वृद्धि दर पड़ेगी सुस्तः S&P

रेटिंग एजेंसी ने एक दिन पहले कहा था कि चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।

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भाषा   
Last Updated- November 28, 2023 | 7:36 PM IST

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी एसएंडपी (S&P) ने मंगलवार को कहा कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर वर्ष 2026 तक बढ़कर सात प्रतिशत तक पहुंच जाएगी जबकि चीन के लिए इसके सुस्त पड़कर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने ‘चाइना स्लोज इंडिया ग्रोथ’ शीर्षक से जारी एक रिपोर्ट में उम्मीद जताई है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र का वृद्धि इंजन चीन से हटकर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया की तरफ स्थानांतरित हो जाएगा।

रेटिंग एजेंसी ने कहा, “हमारा अनुमान है कि वर्ष 2024 में चीन की जीडीपी वृद्धि दर धीमी होकर 4.6 प्रतिशत हो जाएगी जबकि 2025 में यह 4.8 प्रतिशत और 2026 में 4.6 प्रतिशत रहेगी। इसी के साथ हम भारत को वर्ष 2026 में 7.0 प्रतिशत की दर से वृद्धि करते हुए देख रहे हैं।”

इसके साथ ही एसएंडपी ने वर्ष 2026 में वियतनाम की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत, फिलीपीन की 6.4 प्रतिशत और इंडोनेशिया की वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान भी जताया है।

रेटिंग एजेंसी ने एक दिन पहले कहा था कि चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वर्ष 2025 के लिए यह दर बढ़कर 6.9 प्रतिशत और फिर 2026 में सात प्रतिशत तक पहुंच जाने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया-प्रशांत देशों के केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना है जिससे कर्जदारों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा। इसी के साथ पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने की आशंका भी है। इससे ऊर्जा लागत बढ़ सकती है जो मुद्रास्फीति बढ़ाने का काम करेगी।

First Published : November 28, 2023 | 7:36 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)