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भारत-अमेरिका रक्षा और खुफिया सहयोग को नई मजबूती, राजनाथ सिंह और तुलसी गबार्ड के बीच वार्ता

रक्षा, प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और सूचना साझाकरण में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा; हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामकता पर भी विचार

Last Updated- March 17, 2025 | 10:30 PM IST
Defence Minister Rajnath Singh and the US Director of National Intelligence Tulsi Gabbard met in the national capital today

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने सोमवार को कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें विशेष रूप से रक्षा, प्रौद्योगिकी और सूचना साझा करने के क्षेत्रों में भारत एवं अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार, राजनाथ और गबार्ड ने समुद्री क्षेत्र में द्विपक्षीय रणनीतिक सहयोग की भी समीक्षा की। गबार्ड भारत की ढाई दिन की यात्रा पर रविवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी पहुंची।

यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की भारत की पहली उच्चस्तरीय यात्रा है। राजनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया प्रमुख से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘हमने भारत-अमेरिका साझेदारी को और गहरा करने के उद्देश्य से रक्षा और सूचना साझा करने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।’

समझा जाता है कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र में चीनी सेना की बढ़ती सैन्य आक्रामकता की पृष्ठभूमि में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती सुरक्षा स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। बयान में कहा गया, ‘राजनाथ सिंह और तुलसी गबार्ड ने भारत और अमेरिका के बीच सैन्य अभ्यास, रणनीतिक सहयोग, रक्षा औद्योगिक आपूर्ति शृंखलाओं के एकीकरण और सूचना-साझा करने में सहयोग, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में, समेत विभिन्न क्षेत्रों में की गई महत्त्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।’

बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने अत्याधुनिक रक्षा नवाचार और विशिष्ट प्रौद्योगिकियों में सहयोग के अवसरों की भी तलाश की, जो पारस्परिक रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बयान के मुताबिक, राजनाथ ने भारतीय संस्कृति और विरासत के प्रति दृढ़ सद्भावना के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी भावनाएं भारत और अमेरिका के बीच मित्रता के बंधन को और गहरा करती हैं।

बयान में कहा गया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की हाल की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान से पता चलता है कि चर्चाओं में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी की बढ़ती ताकत की पुष्टि की गई है।’
इससे एक दिन पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और गबार्ड ने रविवार को द्विपक्षीय वार्ता की थी और दुनियाभर के शीर्ष खुफिया अधिकारियों के एक सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।

ऐसा माना जा रहा है कि डोभाल और गबार्ड ने आमने-सामने की बैठक में भारत-अमेरिका वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप मुख्य रूप से खुफिया जानकारी साझा करने के तंत्र को मजबूत करने और सुरक्षा क्षेत्र में मिलकर काम करने के तरीकों पर चर्चा की। गबार्ड, कनाडा के खुफिया विभाग के प्रमुख डेनियल रोजर्स और ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पॉवेल दुनियाभर के उन शीर्ष खुफिया अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने यहां भारत द्वारा आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लिया।

First Published - March 17, 2025 | 10:30 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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