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बिजली उत्पादन में दिखी बढ़ोतरी

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:21 AM IST

कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आर्थिक गतिविधियों के लिए कुछ संकेतकों ने सुधार के ज्यादा संकेत दिखाए हैं। बिजली उत्पादन और आवाजाही के आंकड़ों में बढ़त के संकेत दिखाई दिए क्योंकि भारतीय रेलवे द्वारा की जाने वाली माल ढुलाई में वृद्धि पिछले सप्ताह की तुलना में कम थी। बिज़नेस स्टैंडर्ड इनके साथ-साथ अन्य संकेतकों जैसे प्रदूषण, यातायात के आंकड़ों का जायजा भी जमीनी स्तर पर आर्थिक स्थिति का अंदाजा लेने के लिए लेता है। वैश्विक स्तर पर भी विश्लेषक महामारी के बीच इन्हीं संकेतकों के आंकड़ों पर नजर रख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि आधिकारिक वृहद आर्थिक आंकड़े अक्सर कुछ अंतराल के बाद ही जारी किए जाते हैं। उच्च आवृत्ति वाले संकेतकों से इस बात का अंदाजा लगता है कि महामारी को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बीच अर्थव्यवस्था का रुख कैसा रहा। हाल के दिनों में भारत में संक्रमण के 18,000 से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। साल 2021 की शुरुआत में कई संक्रमण के मामले कई बार 10,000 से काफी कम करने में कामयाबी मिली।
भारत में रविवार 7 मार्च खत्म सप्ताह के दौरान पिछले साल की तुलना में करीब 12 फ ीसदी अधिक बिजली का उत्पादन किया गया। यह 2019 की तुलना में 14.6 प्रतिशत अधिक था। रविवार 7 मार्च के बांद्रा के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन 2019 की तुलना में 12 प्रतिशत कम था। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन औद्योगिक गतिविधि और वाहनों से होता है। दिल्ली में इस गैस का उत्सर्जन 2019 की तुलना में लगभग 10 फीसदी अधिक था। पिछले साल मार्च में उत्सर्जन पर दबाव के लक्षण दिखे थे जब महामारी को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन महीने के अंत में लगाया गया था। सर्च इंजन गूगल लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करते हुए इस बात का जायजा लेता है कि महामारी के दौरान लोग किन जगहों पर जा रहे हैं। जनवरी से ही कार्यस्थलों पर जाने वालों की तादाद उच्च स्तर पर थी। हालांकि ताजा आंकड़े 2 मार्च के हैं। जरूरी खरीदारी मसलन किराना दुकानों और दवा की दुकानों पर जाने वालों की तादाद महामारी से पहले के वक्त के मुकाबले बढ़ती नजर आ रही है। वहीं यातायात के आंकड़ों के लिहाज से देखें तो कार्यस्थलों पर जाने वालों की तादाद विभिन्न क्षेत्रों में अलग हो सकती है।
नई दिल्ली में यातायात की तादाद में कमी आई है जिसका अंदाजा वैश्विक लोकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी टॉमटॉम इंटरनैशनल के डेटा से भी पता चलता है। सोमवार 8 मार्च सुबह 9 बजे यातायात पिछले सप्ताह के 63 फीसदी से कम होकर 2019 के 60 फीसदी के स्तर पर आ गया। ठीक इसी समय मुंबई का यातायात 50 फीसदी से बढ़कर 2019 के 52 प्रतिशत के स्तर पर आ गया। भारतीय रेलवे के डेटा 2020 की तुलना में उपलब्ध है। यह रविवार, 7 मार्च को खत्म सप्ताह में माल ढुलाई की मात्रा में साल दर साल 5 फीसदी की बढ़त को दर्शाता है। इन सामान से होने वाली कमाई में भी इसी तरह की बढ़ोतरी रही। यह पिछले हफ्ते के दो अंकों की बढ़त से कम है।

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First Published - March 8, 2021 | 11:34 PM IST

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