facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

IMF ने भारत की GDP वृद्धि का अनुमान रखा बरकरार, कहा- अपनी वास्तविक क्षमता से जुड़ रही अर्थव्यवस्था

आईएमएफ की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, ‘जीडीपी वृद्धि 2023 के 8.2 प्रतिशत से सुस्त होकर 2024 में 7 प्रतिशत और 2025 में 6.5 प्रतिशत होने का अनुमान है।

Last Updated- October 22, 2024 | 9:52 PM IST
India's GDP growth rate estimated at 6.4%, slowest in four years भारत की GDP ग्रोथ रेट 6.4% रहने का अनुमान, चार साल में सबसे धीमी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 25 के लिए 7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 26 के लिए 6.5 प्रतिशत के भारत के जीडीपी वृदि्ध अनुमान को यथावत रखा। इसकी वजह यह है कि महामारी के बाद जो रुकी हुई मांग अचानक बढ़ गई थी, उसका असर अब खत्म हो रहा है और अर्थव्यवस्था अपनी वास्तविक क्षमता से जुड़ रही है।

आईएमएफ की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, ‘जीडीपी वृद्धि 2023 के 8.2 प्रतिशत से सुस्त होकर 2024 में 7 प्रतिशत और 2025 में 6.5 प्रतिशत होने का अनुमान है। महामारी के दौरान संचित दबी हुई मांग समाप्त हो गई है, क्योंकि अर्थव्यवस्था अपनी क्षमता के साथ फिर से जुड़ रही है।’

इससे पहले इस महीने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा में मौजूदा वित्त वर्ष की वृद्धि के अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। आरबीआई ने इसका कारण मजबूत खपत और निवेश की गति को बताया है।

वैश्विक मोर्चे पर हालिया नजरिया के अनुसार वृद्धि अनुमान भी जुलाई के अनुमान से लगभग अपरिवर्तित है। जुलाई में पेश किए गए 2024 और 2025 के 3.2 प्रतिशत के अनुमान को लगभग स्थिर रखा गया है।

हालांकि जुलाई में पेश किए गए 2025 के अनुमान 3.3 प्रतिशत के अनुमान को आंशिक रूप से संशोधित कर 10 आधार अंक कम कर दिया गया है।

आईएमएफ का कहना है कि महत्त्वपूर्ण क्षेत्रवार और क्षेत्रीय बदलावों ने वैश्विक नजरिये को स्थिर कर दिया है। इस दौरान सेवाओं की तुलना में वस्तुओं के दाम बढ़े हुए रहे और यह महामारी और उसके बाद की स्थिति का असर है।

First Published - October 22, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट