भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को अपनी द्विमासिक मॉनेटरी पॉलिसी बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए रेपो रेट (Repo Rate) को एक बार 6.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यह लगातार छठी बार है जब रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (Shakti Kant Das) ने कहा कि इस साल रिजर्व बैंक का फोकस महंगाई को घटाने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि एमपीसी मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत के लक्ष्य पर रखने को प्रतिबद्ध है।
गवर्नर ने एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान करते कहा कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने मुद्रास्फीति को काबू में रखने और आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए उदार रुख को वापस लेने का रुख बरकरार रखा है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चतता के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूती दिखा रही है, एक तरफ आर्थिक वृद्धि बढ़ रही है, दूसरी ओर मुद्रास्फीति में कमी आई है।
GDP के 2024-25 में 7% की ग्रोथ रेट से बढ़ने के अनुमान
साथ ही अगले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वृद्धि दर का अनुमान सात प्रतिशत रखा है। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति के 5.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है।
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की मंगलवार से शुरू हुई तीन दिन की बैठक में किये गये निर्णय की जानकारी देते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ‘‘एमपीसी ने परिस्थितियों पर गौर करने के बाद रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर कायम रखने का फैसला किया।’’
दास ने कहा, ‘‘वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। एक तरफ आर्थिक वृद्धि बढ़ रही है, वहीं महंगाई कम हो रही है। हमारी बुनियाद सृदृढ़ है।’’