facebookmetapixel
Advertisement
एल नीनो का बढ़ता खतरा, तेल झटका और युद्ध का असर; क्या दुनिया मंदी की ओर, भारत कितना सुरक्षित?HDFC Bank Share: नतीजों में बाद शेयर में गिरावट, लेकिन ब्रोकरेज पॉजिटिव; जाने लें टारगेट प्राइसGold-Silver Price Today: सोना ₹1.53 लाख के नीचे, चांदी भी टूटी! निवेश से पहले जान लें आज के रेटयुद्ध संकट के बीच दुबई और अबू धाबी का विकल्प बनेगी भारत की गिफ्ट सिटी! आ सकता है अरबों का निवेशईरान ने ठुकराई दूसरी शांति वार्ता, अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोपसिंगूर की सियासत बनाम रोजगार: 20 साल बाद भी अधूरा सपना, आखिर किसकी हुई जीत?Q4 Results: Bank of Maharashtra से लेकर PNB Housing Finance और Groww तक, आज 13 कंपनियों के आएंगे Q4 नतीजेतेल कीमतों और होर्मुज तनाव से बढ़ा जोखिम, बाजार की तेजी पर लग सकता है ब्रेक?इंडस्ट्री को मिलेगा कर्ज का बूस्ट! बैंक दे सकते हैं 9-13% तक लोन ग्रोथ20 अप्रैल के लिए हॉट स्टॉक्स, इन शेयरों में दिख रहा है 3,000 रुपये तक का अपसाइड

ADB ने भारत का वृद्धि अनुमान घटाया

Advertisement

ADB ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाया, वित्त वर्ष 25 के लिए 6.5% और FY26 के लिए 7% का अनुमान

Last Updated- December 11, 2024 | 10:29 PM IST
Asian Development Bank

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 25 के लिए भारत के वृद्धि अनुमान को 7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया। बैंक के नवीनतम एशियाई विकास परिदृश्य में कहा गया है, ‘दूसरी तिमाही में भारत की वृद्धि अनुमान से कम है। इसका कारण कमजोर औद्योगिक उत्पादन है। केंद्रीय बैंक द्वारा सख्त विवेकपूर्ण मानदंडों के कारण असुरक्षित व्यक्तिगत ऋणों में वृद्धि रुक गई है, साथ ही सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में कमी आई है और खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ गई हैं।’

बहुपक्षीय ऋणदाता एजेंसी ने अगले वित्त वर्ष के अनुमानों को भी घटाया है। एजेंसी ने आगामी वित्त वर्ष 26 के लिए वृद्धि के पूर्ववर्ती अनुमान 7.2 प्रतिशत को घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया। हालांकि भारत की वृद्धि मजबूत रहने का अनुमान जताया गया है।

इसका कारण खरीफ की पैदावार के कारण उच्च कृषि उत्पादन से अर्थव्यवस्था को मदद, सेवा क्षेत्र की निरंतर मजबूत होती स्थिति और 2024 व 2025 में कच्चे तेल का दाम अनुमान से कम होना है। आगे के लिए और श्रम बाजार के संकेतक (जैसे उद्योग व सेवा क्षेत्र का पीएमआई) बताते हैं कि आने वाली तिमाहियों में आर्थिक स्थितियां बेहतर होंगी।

एडीबी ने कहा, ‘ वित्त वर्ष 26 के आकलन को कुछ घटा दिया गया है। इसका कारण महंगाई पर अंकुश लगाने पर केंद्रित कड़ी मौद्रिक नीति के कारण निजी निवेश और आवास की मांग में अनुमान से कम वृद्धि होना है। आपूर्ति श्रृंखला पर भूराजनीतिक चुनौतियों और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों कारण जोखिम कायम है।’

भारतीय रिजर्व बैंक ने बीते सप्ताह अपनी द्विमासिक समीक्षा में नीतिगत दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा था। रिजर्व बैंक ने लगातार 11वें महीने इस दर को कायम रखा है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 25 के वृद्धि अनुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है।

एडीबी ने महंगाई के मोर्चे पर वित्त वर्ष 25 के अनुमान को 4.7 प्रतिशत पर यथावत रखा है। हालांकि वित्त वर्ष 26 के लिए अनुमान को घटाकर 4.3 प्रतिशत कर दिया है जो कि पहले 4.5 प्रतिशत था। उसने कहा, ‘वित्त वर्ष 25 के महंगाई के अनुमान को बरकरार रखा गया है। इसका कारण हालिया आंकड़ों का एक जैसा होना है। हालांकि वित्त वर्ष 26 के लिए महंगाई अनुमान को संशोधित कर 4.3 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका कारण ब्रेंट कच्चे तेल के दामों में गिरावट होने की उम्मीद है।’

दूसरी तरफ, ऐक्सिस बैंक ने भारत के आर्थिक व बाजार परिदृश्य 2025 की रिपोर्ट में बुधवार को वित्त वर्ष 26 के लिए वृद्धि 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जबकि वित्त वर्ष 25 के लिए उसने 6.6 प्रतिशत का अनुमान जताया है।

Advertisement
First Published - December 11, 2024 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement