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गतिशक्ति में 81 परियोजनाएं

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:54 PM IST

उद्योग विभाग ने सरकार के गतिशक्ति मिशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे से संबंधित विभिन्न मंत्रालयों की 81 परियोजनाओं को चिह्नित किया है। इन परियोजनाओं को 2022-23 में क्रियान्वित किया जाएगा और इनका बड़ा प्रभाव पडऩे का अनुमान है।
दो सरकारी अधिकारियों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) के प्रमुख औद्योगिक गलियारे, 1,257 किलोमीटर लंबा अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे, 1,350 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, 210 किलोमीटर लंबा दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख एक्सप्रसेवे और राजमार्ग तथा दुनिया की सबसे बड़ी ब्रॉडबैंड परियोजना भारतनेट सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल होंगी।
एक अधिकारी ने बताया, ‘बुनियादी ढांचे से संबंधित मंत्रालयों की करीब 81 उच्च-प्रभाव वाली परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिनमें से तकरीबन 50 फीसदी परियोजनाएं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की हैं और बाकी 50 फीसदी परियोजनाएं विभिन्न मंत्रालयों की हैं। इन परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति में लाया गया है और इन पर करीब से नजर रखी जा रही है।’
यह अहम पहल है क्योंकि 2022-23 के बजट आवंटन में सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए गतिशक्ति को चार शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक करार दिया है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन होने की उम्मीद है क्योंकि इससे रोजगार के ढेरों अवसर पैदा होंगे और विकास को भी गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अक्टूबर में गतिशक्ति पोर्टल शुरू किया था, जिसका अभी परीक्षण चल रहा है मगर अधिकारियों का कहना है कि इस महीने के अंत तक यह पूरी तरह चालू हो जाएगा। मौजूदा पोर्टल और प्रमुख बुनियादी ढांचा मंत्रालयों तथा राज्य सरकार के आंकड़ों को एकजुट किया जा रहा है। आम बजट 2022-23 में राज्यों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है ताकि सरकारें इस रकम का इस्तेमाल मल्टीमोडल बुनियादी ढांचे में कर सकें।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘हम पर्यावरण, तटीय नियमन क्षेत्र से संबंधित मंजूरियों को समय से हासिल करने के लिए ऑनलाइन टूल भी विकसित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य मैनुअल आवेदन की जरूरत खत्म करना और गतिशक्ति पोर्टल पर समूची प्रक्रिया को डिजिटल बनाना तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है। यह हमारी शीर्ष प्राथमिकताओं में है।’
अधिकारी ने कहा कि अब बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं इस पोर्टल का उपयोग किए बगैर और कनेक्टिविटी तथा अन्य चुनौतियों को चिह्नित किए बिना लागू नहीं की जा सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘बुनियादी परियोजनाओं में कनेक्टिविटी से संबंधित चुनौतियों को दूर किया जाएगा। हम राज्यों और मंत्रालयों को इसके लिए प्रशिक्षण भी देंगे ताकि वे गतिशक्ति का उपयोग कर सकें।’ विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों वाले एक योजना समूह का नेटवर्क बनाया जाएगा जो यह सुनिश्चित करेगा कि परियोजना की योजना मास्टरप्लान का उपयोग करके ही बनाई गई है।

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First Published - March 6, 2022 | 11:22 PM IST

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