अमेरिकी एंटरटेनमेंट ग्रुप वाल्ट डिज़्नी ( Walt Disney Co.) भारत में अपने स्ट्रीमिंग और टेलीविजन बिजनेस को बेचने के लिए खरीदार की तलाश कर रहा है। कंपनी की इन खरीदारों की लिस्ट में अरबपति गौतम अदाणी और कलानिधि मारन का भी नाम शामिल है। यह जानकारी ब्लूमबर्ग ने दी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जानकार लोगों का कहना है कि कंपनी अपने भारतीय ऑपरेशन का हिस्सा बेच सकती है या कुछ अपनी यूनिट्स के एसेट्स को मिलाकर बेच सकती है। जैसे खेल अधिकार और रीजनल स्ट्रीमिंग सर्विस डिज़्नी + हॉटस्टार।
ब्लूमबर्ग न्यूज ने पहले रिपोर्ट दी थी कि एशिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी द्वारा नियंत्रित रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ संपत्ति-बिक्री (asset-sale) की बातचीत पहले ही हो चुकी है।
गौरतलब है कि जब डिज़्नी ने इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के अपने स्ट्रीमिंग अधिकार खो दिए थे और यह अधिकार वायकॉम18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को मिल गया था तो ब्लूमबर्ग न्यूज ने जुलाई में रिपोर्ट दी थी कि डिज़्नी भारत में अपने बिजनेस के लिए रणनीतिक विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें एकमुश्त बिक्री या एक जॉइंट वेंचर स्थापित करना शामिल है। बता दें कि Viacom रिलायंस, पैरामाउंट ग्लोबल और उदय शंकर की निवेश फर्म बोधि ट्री सिस्टम्स के बीच एक जॉइंट वेंचर है।
लोगों ने कहा कि इस संभावित अधिग्रहण से मारन की ब्रॉडकास्टिंग कंपनी, सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड (Sun TV Network Ltd.) को फायदा मिल सकता है। वहीं, अगर अदाणी ग्रुप इसका अधिग्रहण करता है तो उसे हाल ही में अधिग्रहित की गई न्यू डेल्ही टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) का विस्तार करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श अभी भी बहुत शुरुआती चरण में है और कोई भी सौदा नहीं भी हो सकता है।
डिज़्नी की भारतीय यूनिट की बिक्री के बारे में चर्चा से पता चलता है कि जब से अंबानी के समूह ने इंडियन प्रीमियर लीग के स्ट्रीमिंग अधिकार 2.7 बिलियन डॉलर में खरीदे हैं और इस साल की शुरुआत में इसे फ्री में ब्रॉडकास्ट करने का फैसला किया है, तब से बाजार में हलचल बढ़ गई है। अंबानी ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी इंक के HBO और अन्य कंटेंट को ब्रॉडकास्ट करने के लिए एक मल्टी-ईयर समझौता हासिल करके एक और जीत हासिल की। बता दें कि ये ब्रॉडकास्टिंग पहले डिज़्नी किया करती थी।
डिज़्नी अब रिलायंस की रणनीति का उपयोग कर रही है और भारत में चल रहे क्रिकेट वर्ल्ड कप को मोबाइल डिवाइस पर फ्री में स्ट्रीम कर रही है। कंपनी के इस कदम का उद्देश्य कुछ ग्राहकों को वापस लाना है, भले ही इसका मतलब 1.4 बिलियन लोगों के क्रिकेट-दीवाने देश में कमाई का त्याग करना हो।