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टॉप-एंड गाड़ियों ने संभाला मर्सिडीज-बेंज इंडिया का प्रदर्शन, बिक्री घटने के बावजूद मुनाफा बढ़ा

मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने साल 2025 में 19,007 कारें बेचीं जो साल 2024 में बेची गईं 19,565 कारों की तुलना में 2.8 प्रतिशत कम है।

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सोहिनी दास   
Last Updated- January 15, 2026 | 9:02 AM IST

इस साल भारत का लग्जरी कार उद्योग 1.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 52,000 वाहनों तक पहुंच गया लेकिन बाजार की अग्रणी कंपनी मर्सिडीज-बेंज इंडिया की बिक्री में लगभग 3 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसके बावजूद जर्मनी की लग्जरी कार विनिर्माता ने देश में अपने 25 साल के इतिहास में अब तक का सबसे अच्छा राजस्व और लाभ दर्ज किया। यह प्रदर्शन टॉप-एंड लग्जरी गाड़ियों की दिशा में कंपनी के रणनीतिक बदलाव को दिखाता है, भले ही व्यापक बाजार की वृद्धि धीमी रही हो।

साल 2026 में उद्योग की बिक्री काफी हद तक सपाट रहने का अनुमान है, क्योंकि वैश्विक चुनौतियां और विदेशी मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव मांग पर लगातार दबाव डाल रहे हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने साल 2025 में 19,007 कारें बेचीं जो साल 2024 में बेची गईं 19,565 कारों की तुलना में 2.8 प्रतिशत कम है। यह भारत में उसका अब तक का सबसे अच्छा बिक्री वाला साल था। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा कि बिक्री में इस गिरावट के बावजूद साल 2025 राजस्व और लाभ दोनों के लिहाज से कंपनी का अब तक का सबसे दमदार साल रहा।

इस लिहाज से यह बड़ी उपलब्धि है जब इस साल यूरो भारतीय रुपये के मुकाबले 19 प्रतिशत कमजोर हुआ। मर्सिडीज-बेंज ने साल के पहले छमाही में तीन बार कीमतें बढ़ाईं, जिससे कुल मिलाकर लगभग 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधार होने से कीमतों में 6 प्रतिशत की कमी आई। इस कारण ग्राहकों के लिए शुद्ध प्रभाव रहा संतुलित रहा। इस महीने कंपनी ने कीमतों में 2 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की है। अय्यर ने कहा कि फिर भी विदेशी मुद्रा का लगभग 10 प्रतिशत असर ग्राहकों पर नहीं डाला गया है, जिससे मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।

हालांकि कंपनी ने राजस्व या लाभ के आंकड़े जारी नहीं किए। लेकिन उसने कहा कि टॉप-एंड वाहनों (जिनकी कीमत 1.3 करोड़ रुपये और उससे ज्यादा है) की बिक्री में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल बिक्री में उनकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत रही।

एएमजी पोर्टफोलियो में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (बीईवी) में 12 प्रतिशत का इजाफा हुआ। हैरानी की बात है कि बेचे गए सभी टॉप-एंड वाहनों में से 20 प्रतिशत बीईवी थे या दूसरे शब्दों में कहें, तो साल 2025 में बेचे गए 70 प्रतिशत बीईवी की कीमत 1.25 करोड़ रुपये और 3.1 करोड़ रुपये के बीच थी।

शुरुआती स्तर वाले लग्जरी मॉडलों (45 लाख से 60 लाख रुपये वाले मॉडल) की बिक्री में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जबकि प्रमुख लग्जरी वाहनों (65 लाख से 1.2 करोड़ रुपये वाले) ने साल 2025 के दौरान बिक्री में 62 प्रतिशत का योगदान किया।

First Published : January 15, 2026 | 9:02 AM IST