facebookmetapixel
Advertisement
थोक जमा नियमों में आरबीआई का बदलाव, सभी ग्राहकों को मिलेगी समान ब्याज दर की जानकारी15 साल में मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मौसम का असर पहले से कम: आरबीआई डिप्टी गवर्नरब्रांड वैल्यू में शाहरुख खान नंबर-1, विराट कोहली को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थानवीजा की बेंगलूरु में बड़ी छंटनी, 1,400 कर्मचारियों की गई नौकरी; एआई पर बढ़ते फोकस का असरई-कॉमर्स निर्यात के लिए विदेशी कंपनियों को बनानी होगी अलग यूनिट एक्सचेंजों पर बंद भाव में बड़ा अंतर ट्रेडरों के लिए कमाई का मौका, आर्बिट्राज ट्रेडिंग में आई तेजीटाटा संस फिलहाल अपर लेयर एनबीएफसी में रहेगी, सीआईसी लाइसेंस पर फैसला बाकीRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई आउटलुक घटायाडिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजी

टियर-2 बॉन्डों से धन जुटाने में इस साल आएगी तेजी

Advertisement

इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के डायरेक्टर सौम्यजीत नियोगी ने कहा कि निवेशकों की मांग मजबूत है और बढ़ती जमा दरों की तुलना में दीर्घावधि वित्तपोषण इस समय सस्ता है

Last Updated- August 29, 2024 | 10:45 PM IST
SBI

बैंकरों का मानना है कि भारतीय स्टेट बैंक द्वारा इस सप्ताह जारी किए गए टियर-2 बॉन्ड के आक्रामक मूल्य निर्धारण से इस तरह के नोट्स से धन जुटाने की प्रवृत्ति फिर बढ़ेगी और पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इसकी मात्रा में वृद्धि होगी।

बुधवार को भारत के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक ने 15 साल के टियर-2 बॉन्डों से 75 अरब रुपये जुटाए हैं, जिसमें 10 साल का कॉल ऑप्शन और 7.42 प्रतिशत कूपन दर है, शुरुआत में इसके 7.45 प्रतिशत या इससे अधिक रहने की उम्मीद थी।

इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के डायरेक्टर सौम्यजीत नियोगी ने कहा कि निवेशकों की मांग मजबूत है और बढ़ती जमा दरों की तुलना में दीर्घावधि वित्तपोषण इस समय सस्ता है, ऐसे में बैंक धन जुटाने का यह तरीका अपना सकते हैं, जिससे कि जमा और कर्ज के बीच की खाईं कम की जा सके।

बीमाकर्ताओं और भविष्य निधि की पूंजी बढ़ रही है और केंद्र सरकार व राज्यों को धन देने की सीमित संभावना है। ऐसे में पिछले कुछ महीने से निवेशकों के लिए बैंक बॉन्ड निवेश के तरजीही माध्यम बन गए हैं।

निजी क्षेत्र की एक बड़ी बीमा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शीर्ष बीमा फर्में अपने निवेश को अलग अलग जगह लगाने पर विचार कर रहे हैं, जो तुलनात्मक रूप से सुरक्षित हो और सरकार के बॉन्डों की तुलना में बेहतर रिटर्न मिल सके।

रॉकफोर्ट फिनकैप के संस्थापक वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन को उम्मीद है कि बैंक इस साल टियर-2 बॉन्डों से 350 अरब रुपये तक जुटा सकते हैं, जो वित्त वर्ष 2024 में जुटाए गए 239 अरब रुपये से करीब 50 प्रतिशत अधिक है।

Advertisement
First Published - August 29, 2024 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement