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जिस दिन मेरा दिल इस काम के लिए 100 फीसदी प्रतिबद्ध नहीं होगा, मैं छोड़ दूंगा : गोपीनाथन

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Last Updated- March 17, 2023 | 10:02 PM IST
Rajesh Gopinathan

कुछ और काम करने का इरादा तथा देश की सबसे बड़ी IT सेवा कंपनी TCS के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक के पद से इस्तीफा देने का विचार कुछ समय से राजेश गोपीनाथन के दिमाग में चल रहा था। उन्होंने इस बारे में अपने मार्गदर्शक और अब टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के साथ भी चर्चा की थी, लेकिन प्राथमिकता हमेशा समस्या हल करने को दी गई।

गोपीनाथन ने आज सुबह एक संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘तिमाही दर तिमाही प्रदर्शन में सुधार करने और यह सुनिश्चित करने से ज्यादा चुनौतीपूर्ण कुछ नहीं है कि प्रदर्शन जारी रहे। ऐसा करते हुए 10 साल हो गए हैं और मैंने इसका आनंद लिया, लेकिन कभी-कभी जब आप किसी विशेष उपलब्धि तक पहुंच जाते हैं, तो आप सोचने लगते हैं कि आगे क्या करना है।’

हमेशा नाप-तौल कर अपनी बात करने वाले गोपीनाथन काफी सहज मूड में थे और उन्होंने खुलकर बात की। उन्होंने कहा ‘मुझे एक बात का यकीन था, जिस दिन मेरा दिल यह काम करने के लिए 100 फीसदी प्रतिबद्ध नहीं होगा, मैं छोड़ दूंगा… और वह ट्रिगर पॉइंट था।

मैं TCS का ऋणी हूं, हम सब TCS के ऋणी हैं। भरोसा करके यह जगह दी गई थी और मैं इसका सम्मान करता हूं और यह ऐसी चीज है, जिसे मैं हल्के में नहीं लेता। यह जगह मेरे लिए बैठने और अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में सोचने की कुर्सी नहीं है।’

हालांकि उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि उनके लिए आगे क्या होगा। अभी उनके पास जो तात्कालिक कार्य है, वह है TCS के अनुभवी और पुराने साथी कृतिवासन के हाथों में कंपनी का सुचारु रूप से स्थानांतरण।

उन्होंने कहा ‘मैं यह बात सुनिश्चित करने के लिए अपने सभी ग्राहकों, सहकर्मियों और कर्मचारियों का आभारी हूं कि कृति को जिस भी समय जरूरत हो, मैं वहां रहूं। मैं कृति के लिए न केवल अभी, बल्कि जब भी उन्हें मेरी जरूरत होगी, मैं 100 फीसदी उपलब्ध रहूंगा। इसके बाद मैं अपने परिवार के साथ कुछ समय बिताना चाहता हूं, आराम से बैठना और सोचना चाहता हूं।’

गोपीनाथन ने कहा कि TCS अपने क्षेत्र में अग्रणी है और इसने उद्योग को अग्रणी परिणाम दिए हैं। वैश्विक महामारी के तुरंत बाद कंपनी ने 15 फीसदी की वृद्धि की और वित्त वर्ष 23 के पहले नौ महीने में TCS पहले ही 14.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज कर चुकी की है।

छोड़कर जाने के समय के बारे में पूछे जाने पर, खास तौर ऐसे समय में कि जब व्यापक स्तर पर अनिश्चितताएं अब भी चारों ओर मंडरा रही हों, उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में यह शायद सबसे स्थिर समय है। अस्थिरता का यह स्तर औसत है तथा उतार-चढ़ाव रहेगा।

संकट के समय में हम एक साथ आए हैं और टीम के रूप में काम किया है। वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले ऐसा करना महत्वपूर्ण था, ताकि आने वाले मुख्य कार्याधिकारी के पास भूमिका निभाने का पूरा समह हो। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि अपने कैंपस के दिनों के बाद से उन्होंने कभी भी अपने रिज्यूमे पर काम नहीं किया है।

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First Published - March 17, 2023 | 9:49 PM IST

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