facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

नए दूरसंचार नियमों की अधिसूचना लाने पर होगा जोर, मंत्रालय पेश करेगा 100 दिनों का अपडेटेड एजेंडा

Advertisement

नीलामी से इतर स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन के चलते कई परिचालकों को स्पेक्ट्रम के एक विशेष बैंड का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल जाएगी।

Last Updated- June 16, 2024 | 9:45 PM IST
Company incurred loss of Rs 773 crore but investors got 200% return in 1 year, merger with BSNL will increase the speed of shares! कंपनी 773 करोड़ रुपये के घाटे में मगर निवेशकों को 1 साल में मिला 200% रिटर्न, BSNL के साथ मर्जर बढ़ाएगा शेयरों की स्पीड!

दूरसंचार विभाग जल्द ही 100 दिनों का एक अपडेटेड एजेंडा पेश करेगा जिसके केंद्र में साल 2023 के अहम दूरसंचार कानून के लिए जरूरी नियमों को लाना होगा। इन नियमों की अधिसूचना के बगैर, कानून के कई बड़े हिस्से को लागू नहीं किया जा सकता है। इन नए नियमों में स्पेक्ट्रम देने की प्रक्रिया भी शामिल है, जिसमें संचार उपग्रह के लिए स्पेक्ट्रम देना भी शामिल है।

अभी इनके लिए संदर्भ शर्तें (टीओआर) तय की जा रही हैं। इसके साथ ही भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) इस मुद्दे पर सलाह-मशविरा का ताजा दौर शुरू करेगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘विचार यह है कि संदर्भ शर्तें जल्द से जल्द तैयार किए जाएं ताकि ट्राई अपने उद्योग हितधारकों के साथ परामर्श शुरू कर सके। इस संदर्भ में काफी काम पहले ही हो चुका है। इसमें आवंटन की प्रक्रिया, इस्तेमाल की जाने वाली फ्रीक्वेंसी, स्पेक्ट्रम की कीमत और राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में सैटेलाइट परिचालकों द्वारा पूरी की जाने वाली शर्तों का स्पष्टीकरण भी होगा।’

सैटेलाइट या ऑर्बिट, रेडियो स्पेक्ट्रम का एक खंड है जो तब उपलब्ध होता है जब सैटेलाइट को ऑर्बिट में रखा जाता है। इस बात पर पिछले कुछ सालों से चर्चा चल रही है कि दुर्लभ संसाधन की नीलामी की जानी चाहिए या इसका आवंटन सरकार द्वारा किया जाना चाहिए। लेकिन दूरसंचार अधिनियम, 2023 में 19 क्षेत्रों में सैटेलाइट आधारित सेवाएं शामिल की गईं थीं जिसमें केंद्र को सीधे तौर पर स्पेक्ट्रम देने का अधिकार है।

इससे अब यह बहस खत्म हो गई है कि स्पेक्ट्रम की नीलामी करनी चाहिए या इसका आवंटन करना चाहिए। दूरसंचार विभाग सैटेलाइट के लिए स्पेक्ट्रम देने के नए नियम बना रहा है।

नए नए नियमों के तहत टेलीपोर्ट, टेलीविजन चैनल, डी2एच, डिजिटल सैटेलाइट न्यूज गैदरिंग, वेरी स्मॉल अपर्चर टर्मिनल (वीसैट) और एल और एस बैंड में मोबाइल सैटेलाइट सेवाओं को नीलामी के बगैर स्पेक्ट्रम दिया जा सकता है।

नीलामी से इतर स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन के चलते कई परिचालकों को स्पेक्ट्रम के एक विशेष बैंड का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल जाएगी।

अंतर-मंत्रालीय परामर्श

दूरसंचार विभाग इस बात के लिए भी नियम बना रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, किसी अपराध को रोकने या सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के आधार पर किस तरह फोन कॉल या मेसेज के प्रसार को रोका जा सकता है। इन नियमों को बनाने के लिए भी सलाह ली जा रही है।

Advertisement
First Published - June 16, 2024 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement