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R&D व प्रौद्योगिकी में निवेश जारी रखेगी TCS, कोई नई प्रक्रिया अपनाने की जरूरत नहीं- समीर सक्सरिया

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Last Updated- April 16, 2023 | 9:43 PM IST
TCS
BS

देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) अल्पावधि में उठापटक के दौर से गुजरने के बावजूद अनुसंधान एवं नवाचार, कार्यालय स्थल और प्रौद्योगिकी ढांचा में निवेश की रफ्तार को बरकरार रखेगी।

TCS के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) समीर सक्सरिया ने कहा कि कंपनी के सामान्य वेतन वृद्धि जारी रखने के वादे से जून तिमाही में परिचालन मुनाफा मार्जिन पर 1.70 से 1.75 फीसदी तक का अतिरिक्त असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रमुख आंकड़ा नए वित्त वर्ष में आगे जाकर स्थिर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी आम तौर पर अनुसंधान और नवाचार में 1,200-1,500 करोड़ रुपये खर्च करती है और 3,000-4,000 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के रूप में काम और कार्यालय स्थल के लिए आवश्यक ‘बैक-एंड’ प्रौद्योगिकी पर खर्च करती है, और इसे आगे भी जारी रखना चाहिए।

सक्सरिया ने कहा, हम प्रतिभा, अनुसंधान, नवाचार, छवि-सुधार और सूचना प्रौद्योगिकी में निवेश जारी रखेंगे। मुझे नहीं लगता कि हमें कोई नई प्रक्रिया अपनानी चाहिए। कंपनी को प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नौकरियां घटने और अमेरिका के सिलकन वैली बैंक (SVB) की विफलता के बाद कमजोर हुई धारणा के कारण व्यापार को उसके सबसे बड़े बाजार उत्तर अमेरिका में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) क्षेत्र में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

यह भी पढ़ें : Tata Steel की वित्तीय पैकेज पर ब्रिटेन सरकार से वार्ता अब भी जारी: सीईओ टी वी नरेंद्रन

उन्होंने वित्त वर्ष 2022-23 में राजस्व में 13.7 फीसदी वृद्धि को अच्छी वृद्धि बताया जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष (2021-22) में कंपनी ने लगभग 15 फीसदी की दर से वृद्धि दर्ज की थी। उन्होंने कहा कि कंपनी को नए साल की शुरुआत से हालात में सुधार की उम्मीद है। हालांकि सक्सरिया ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 में राजस्व वृद्धि या लाभ मार्जिन के लिए कंपनी की योजना का खुलासा नहीं किया।

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First Published - April 16, 2023 | 8:16 PM IST

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