टाटा स्टील ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के अपने उत्पादन और डिलिवरी के आंकड़े जारी किए। कंपनी ने भारत में अपने परिचालन में अब तक का सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया है।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में टाटा स्टील इंडिया ने 63.4 लाख टन का ‘अब तक का सबसे अच्छा तिमाही’ क्रूड इस्पात उत्पादन हासिल किया। यह उत्पादन तिमाही आधार पर लगभग 12.2 प्रतिशत और एक साल पहले के मुकाबले 11.4 प्रतिशत बढ़ा, जिसका मुख्य कारण जमशेदपुर और कलिंगनगर इकाइयों में ज्यादा उत्पादन होना था।
वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में उत्पादन सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 1.72 करोड़ टन हो गया। कंपनी ने कहा कि बेहतर उत्पादन के कारण अब तक की सबसे अच्छी तिमाही दर्ज की गई है और टाटा स्टील इंडिया ने पहली बार 60 लाख टन का आंकड़ा पार किया।
ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स वर्टिकल ने 9 लाख टन का अब तक की सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की। टाटा स्टील ने कहा कि कलिंगनगर में डाउनस्ट्रीम इकाई से हाई-टेन्साइल ग्रेड और जमशेदपुर में कॉम्बी-मिल से स्पेशलिटी स्टील के लिए रैपिड ओईएम मंजूरी की मदद से तीसरी तिमाही में बिक्री में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पहले 9 महीनों में वर्टिकल की बिक्री में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
ब्रांडेड उत्पाद और रिटेल वर्टिकल ने पहली बार 20 लाख टन का आंकड़ा पार किया। टाटा टिस्कॉन, टाटा एस्ट्रम और टाटा स्टीलियम जैसे ब्रांडों की वजह से तीसरी तिमाही में बिक्री सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ी।
जहां तक यूरोपीय परिचालन की बात है तो टाटा स्टील नीदरलैंड्स का तीसरी तिमाही में लिक्विड स्टील का उत्पादन 16.8 लाख टन था और डिलिवरी 14 लाख टन रही। कंपनी ने कहा कि मौसमी कारकों और बाजार के सुस्त परिदृश्य की वजह से तिमाही आधार पर डिलिवरी कमजोर रही।