facebookmetapixel
बैंकिंग सेक्टर में लौट रही रफ्तार, ब्रोकरेज ने कहा- ये 5 Bank Stocks बन सकते हैं कमाई का जरियाहाई से 45% नीचे ट्रेड कर रहे Pharma Stock पर BUY रेटिंग, ब्रोकरेज ने दिया नया टारगेटखुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में दहाड़ रहा ये IPO, 9 जनवरी से हो रहा ओपन; प्राइस बैंड सिर्फ 23 रुपयेGold, Silver Price Today: चांदी ऑल टाइम हाई पर, तेज शुरुआत के बाद दबाव में सोनासरकार ने तैयार की 17 लाख करोड़ रुपये की PPP परियोजना पाइपलाइन, 852 प्रोजेक्ट शामिल₹50 लाख से कम की लग्जरी SUVs से मुकाबला करेगी महिंद्रा, जानिए XUV 7XO में क्या खासकम महंगाई का फायदा: FMCG सेक्टर में फिर से तेजी आने वाली है?CRED के कुणाल शाह ने जिस Voice-AI स्टार्टअप पर लगाया दांव, उसने जुटाए 30 लाख डॉलरकंटेनर कारोबार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, कानून में ढील का प्रस्तावसुधार नहीं है नुकसान की भरपाई करना

10-15 रुपये तक पहुंच सकता है Swiggy, Zomato का प्लेटफॉर्म शुल्क

प्लेटफॉर्म शुल्क में 20% वृद्धि के बाद रेस्तरां मालिकों ने कमीशन कम करने का प्रस्ताव रखा, एनआरएआई ने की अपील

Last Updated- July 17, 2024 | 11:45 PM IST
Swiggy Zomato Delivery Partners Strike

फूड एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म स्विगी और जोमैटो पर सूचीबद्ध कई रेस्तरां का मानना है कि इन कंपनियों द्वारा प्लेटफॉर्म शुल्क में की गई हालिया बढ़ोतरी आगे भी जारी रहने वाली है। कई लोगों का मानना है कि निकट भविष्य में यह शुल्क 10 रुपये से लेकर 15 रुपये तक बढ़ने के आसार हैं और इसलिए उन्होंने इन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म द्वारा लिए जाने वाले अधिक कमीशन में कटौती की मांग की है। स्विगी और जोमैटो ने इस सप्ताह की शुरुआत में मार्जिन बढ़ाने के लिए अपना प्लेटफॉर्म शुल्क 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था।

नैशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरAI) के उपाध्यक्ष प्रणव रूंगटा, जो क्लाउड किचन श्रृंखला करी मी अप और चाउ मी अप के भी मालिक हैं, ने कहा ‘वैश्विक बाजार की जो स्थिति है, उसकी तर्ज पर प्लेटफॉर्म शुल्क आगे निश्चित रूप से और बढ़ने वाला है। ब्रिटेन जैसे बाजारों में कंपनियां 10 प्रतिशत तक का सुविधा शुल्क लेती हैं। अगर भोजन सीधे उपभोक्ताओं तक डिलिवर किया जा रहा है, तो उन्हें डिलिवरी का खर्च उठाना चाहिए।’

रूंगटा ने कहा ‘रेस्तरां संगठन के प्रतिनिधि के रूप में हम चाहेंगे कि वे (स्विगी/जोमैटो) प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाएं और हमारा कमीशन कम कर दें। फूड डिलिवरी अब परिपक्व बाजार है। वैसे भी अब वे डिलिवरी के लिए 50 से 60 रुपये वसूल रहे हैं।

अगर वे प्लेटफॉर्म शुल्क के रूप में पांच से 10 रुपये और लेते हैं और हमारा कमीशन कम करते हैं, तो यह बाजार का उचित और सही समाधान होगा। स्विगी और जोमैटो रेस्तरां से 22 से 35 प्रतिशत का कमीशन लेते हैं, जो पिछले दो साल से बहस का विषय रहा है।

First Published - July 17, 2024 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट