स्पूतनिक की आपूर्ति जल्द बढ़ेगी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 2:21 AM IST

प्रमुख औषधि कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज को इस महीने के अंत तक रूस से स्पूतनिक वी की आपूर्ति होने की उम्मीद है जबकि कंपनी सितंबर तक भारत में विनिर्मित टीके का इंतजार कर रही है। कंपनी ने कहा है कि इस बीच अक्टूबर के अंत तक रूस में किशोरों पर स्पूतनिक वी के परीक्षण खत्म होने की उम्मीद है।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के शीर्ष प्रबंधन ने हैदराबाद के संवाददाताओं से बातचीत में संकेत दिया कि रूस में संक्रमण के बढ़ते मामले और तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर उस देश में टीके की मांग काफी बढ़ गई है। कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी (ब्रांडेड बाजार- भारत एवं उभरते बाजार) एमवी रमणा ने कहा, ‘हम जुलाइ के अंत तक रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) से सुनने (आपूर्ति के बारे में) की उम्मीद करते हैं। अगस्त तक स्पूतनिक वी की आपूर्ति बेहतर होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि दूसरी तरह, भारत में टीकाकरण के लिए मांग में करीब 20 फीसदी की कमी आई है।
रूस से अब तक करीब 30 लाख पहली खुराक (एडी26 वेक्टर का उपयोग) का आयात किया गया है। जबकि करीब 3 लाख दूसरी खुराक (एडी5 वेक्टर का उपयोग) का आयात किया गया है। डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज का कहना है कि पहली खुराक की आपूर्ति सुनिश्चित होने के साथ ही उसे शेष 27 लाख दूसरी खुराक का इंतजार है। गामेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अपनी दो खुराक में दो अलग-अलग मानव एडेनोवायरस वेक्टर (एडी26 और एडी5) का उपयोग करते हुए स्पूतनिक वी टीका तैयार किया है। दोनों खुराक- प्राथमिक एवं बूस्टर- के बीच अंतर करने के लिए टीके के रंग अलग-अलग होंगे।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज  के सीईओ (एपीआई एवं फार्मास्युटिकल सर्विसेज) दीपक सापरा ने कहा कि उन्हें भारतीय संयंत्रों से भी सितंबर-अक्टूबर तक आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। भारत में स्पूतनिक वी के छह अनुबंध विनिर्माता मौजूद हैं।
कंपनी ने कहा कि भारत में करीब 2,50,000 लोगों को स्पूतनिक वी की खुराक पहले ही मिल चुकी है। डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने 14 मई को परीक्षण के तौर पर देश भर में इसकी शुरुआत की थी जिसका दायरा अब 80 शहरों तक बढ़ाया गया है।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज भारत में स्पूतनिक वी की पहली 25 करोड़ खुराक की एकमात्र वितरक है। शुरुआती 5 करोड़ खुराक का  रूस से आयात होने की उम्मीद है ताकि भारत में तेजी से उसका वितरण सुनिश्चित किया जा सके। भारतीय विनिर्माण संयंत्रों से इस टीके की अपूर्ति बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
स्पूतनिक वी टीके की दोनों खुराकों के बीच 21 दिनों का अंतर रखा गया है। इस टीका का विकास करने वाले आरडीआईएफ और गामेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार स्पूतनिक वी की प्रभावकारिता 97.6 फीसदी है।

First Published : July 27, 2021 | 11:36 PM IST