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नीडल-फ्री इंजेक्शन टेक में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का निवेश

एन-एफआईएस शुरू में भारत में निजी बाजार के लिए उपलब्ध होगी और पारंपरिक इंजेक्शन का विकल्प मुहैया कराएगी।

Last Updated- May 17, 2024 | 11:35 PM IST
Adar Poonawalla
Adar Poonawalla, CEO, Serum Institute Of India

टीका निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने नीडल-फ्री इंजेक्शन सिस्टम यानी बिना सुई वाली इंजेक्शन प्रणाली (एन-एफआईएस) विकसित करने वाली चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी इंटेग्रिमेडिकल में निवेश करने की घोषणा की है।

इस भागीदारी का मकसद एन-एफआईएस टेक्नोलॉजी को उन्नत बनाना और दुनियाभर में मरीजों तक सहजता से उपलब्ध कराना है। इंटेग्रिमेडिकल में एसआईआई 20 प्रतिशत हिस्सा खरीदेगी। इस निवेश से एन-एफआईएस के विकास एवं व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिलने की संभावना है और इससे ज्यादा आरामदाक और दर्दरहित टीके का अनुभव मिलेगा।

एसआईआई के मुख्य कार्या​धिकारी अदार पूनावाला ने कहा, ‘हम ऐसी प्रौद्योगिकियों में निवेश के अवसर लगातार तलाश रहे हैं जो स्वास्थ्य देखभाल को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाती हैं। इं​टेग्रिमेडिकल का एन-एफआईएस बड़ी सफलता है और इससे टीका लगाने के तरीके में व्यापक बदलाव आएगा।’

इं​टेग्रिमेडिकल के प्रबंध निदेशक सर्वेश मूथा ने कहा, ‘इस निवेश से हमारी एन-एफआईएस टेक्नोलॉजी की क्षमता साबित हुई है। एसआईआई की दक्षता हमारी टेक्नोलॉजी को दुनियाभर के मरीजों तक पहुंचाने में बेहद मददगार होगी।’इस सहयोग को इंटेग्रिमेडिकल की नवीनतम तकनीक के साथ यह एसआईआई की निर्माण और वितरण क्षमता का फायदा मिलेगा।

एन-एफआईएस शुरू में भारत में निजी बाजार के लिए उपलब्ध होगी और पारंपरिक इंजेक्शन का विकल्प मुहैया कराएगी। इस प्रौद्योगिकी में सुई चुभने का भय या सुई का घाव नहीं होगा।

First Published - May 17, 2024 | 11:26 PM IST

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