टीका विनिर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने खास तरह के कांच के उत्पाद बनाने वाली कंपनी शॉट एजी के भारतीय संयुक्त उद्यम शॉट काइशा में 50 फीसदी हिस्सेदारी पूर्व सह-मालिक कैरुस दादाचानजी और शापूरजी मिस्त्री से खरीदी है। मगर सौदे की रकम का खुलासा नहीं किया गया है। इस सौदे से सीरम को अपनी आपूर्ति शृंखला पर ज्यादा नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी क्योंकि कांच की शीशियां टीके की पैकेजिंग का अहम हिस्सा हैं। वहीं इससे काइशा समूह को अपने अन्य दवा उपक्रमों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
सूत्रों का कहना है कि अब दादाचानजी और मिस्त्री दवा एवं दवा आपूर्ति प्रणाली लाने पर ध्यान देंगे। काइशा समूह की सॉवरिन फार्मा जैसी कंपनियां ठेके पर विनिर्माण करती हैं और सिप्ला जैसी कंपनियों के लिए रेमडेसिविर सरीखी दवाएं बनाती हैं। काइशा समूह अब ब्रांड शुरू कर उनके तहत दवाएं बेचना चाहता है। काइशा समूह के प्रबंध निदेशक कैरुस दादाचानजी ने कहा कि अब वे दवा मूल्य शृंखला में अपने ब्रांडों के तहत दवाएं पेश कर अपना दायरा बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, ‘हम चिकित्सा समुदाय के साथ ज्यादा जुड़कर काम करना चाहते हैं और ग्राहकों के लिए अत्यधिक प्रभावी दवाएं उतारकर अपनी महारत का इस्तेमाल करना चाहते हैं। मेरा बेटा ऋषद और मैं अपने उद्यमों जैसे सॉवरिन फार्मा, काइशा लाइफसाइंसेज, काइशा पैकेजिंग, कैरिस इनोटेक और पैकवेल इंडस्ट्रीज के जरिये उद्योग के साथ निकट संपर्क में रहेंगे।’
शॉट काइशा भारत में दवाओं की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले शीशी, सिरिंज, ऐंप्यूल, कार्टि्रज जैसे दवा पैकेजिंग उत्पादों की बड़ी विनिर्माता है। सीरम के सीईओ अदार पूनावाला कहते हैं, ‘यहां तक कि सबसे अच्छी दवाएं भी मरीजों तक बिना उचित पैकेजिंग के नहीं पहुंच सकती हैं। इस आपूर्ति शृंखला को हासिल करने का रणनीतिक महत्व है। शॉट अपनी विशेषज्ञता और वैश्विक नेटवर्क के चलते यह काम करने के लिए हमारे लिए उपयुक्त साझेदार है।’
पूनावाला ने कहा कि वे शॉट काइशा के लंबे समय से ग्राहक हैं और कोविशील्ड समेत टीकों को भंडारित करने के लिए उसकी शीशियों, ऐंप्यूल और सिरिंज का इस्तेमाल करते हैं। इस अधिग्रहण से सीरम बढ़ती वैश्विक मांग के बीच फार्मा पैकेजिंग की अपनी आपूर्ति को सुनिश्चित बना रही है।
जर्मन शॉट पर कार्ल जेइस फाउंडेशन का स्वामित्व है। कंपनी का कारोबार वित्त वर्ष 2020 में 2.2 अरब यूरो रहा है। इस 134 साल पुरानी कंपनी की 34 देशों में मौजूदगी है और सीरम को टीके, बायोलॉजिक्स और अन्य दवा जैसे फार्मा उत्पादों की शीशियों में पैकेजिंग की अत्यधिक मांग के बाजार को भुनाने का अच्छा मौका मुहैया करा रही है। शॉट के सीईओ फ्रैंक हैनरिच ने कहा, ‘भारत ने खुद को वैश्विक दवा केंद्र के रूप में स्थापित किया है, इसलिए हम भारतीय दवा आपूर्ति शृंखला में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने से खुश हैं।’