facebookmetapixel
Advertisement
रूरल डिमांड के दम पर जनवरी में कारों की बिक्री 7% बढ़ी, ह्यूंदै बनी नंबर- 2 कार मैन्युफैक्चरर: FADAGold, Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना ₹2,065 की गिरावट के साथ खुला, चांदी भी फिसली₹929 का शेयर उड़ेगा ₹1,880 तक? इस IT Stock पर ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांवकार से लेकर बाइक तक बंपर बिक्री, जानें मोतीलाल ओसवाल ने किस Auto Stock पर दी BUY की सलाहFractal Analytics vs Aye Finance IPO: किसमें कमाई का मौका, किसमें छुपा है बड़ा खतरा?Stocks to Watch Today: Titan, BSE, Aurobindo समेत ये शेयर रहेंगे फोकस मेंStock Market Today: ओपन होते ही बाजार में रफ्तार, सेंसेक्स 144 अंक बढ़त के साथ खुला, निफ्टी 25,900 के पारलोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्ट

रिलायंस कैपिटल ऑडिट मामला: एनएफआरए ने एक ऑडिट कंपनी, दो ऑडिटर पर लगाया 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना

Advertisement

यह कार्रवाई 2018-19 में रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) की वित्तीय स्थिति की ऑडिटिंग में कथित खामियों से जुड़े मामले को लेकर की गई है।

Last Updated- April 15, 2024 | 1:44 PM IST
Reliance Capital's acquisition will be completed by the end of January, Hinduja Group will spend Rs 9,861 crore जनवरी के अंत तक पूरा होगा रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण, हिंदुजा ग्रुप खर्च करेगी 9,861 करोड़ रुपये

राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) ने एक ऑडिट कंपनी और दो ऑडिटर पर कुल 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला 2018-19 में रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) की वित्तीय स्थिति की ऑडिटिंग में कथित खामियों से जुड़ा है।

आदेश के अनुसार, पाठक एचडी एंड एसोसिएट्स पर तीन करोड़ रुपये, परिमल कुमार झा पर एक करोड़ रुपये और विशाल डी शाह पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा झा और शाह पर ऑडिट से जुड़े काम करने पर क्रमशः 10 साल और पांच साल की रोक लगा दी गई है।

वित्त वर्ष 2018-19 के रिलायंस कैपिटल के वैधानिक ऑडिट के लिए झा एंगेजमेंट पार्टनर (ईपी) थे और शाह एंगेजमेंट क्वालिटी कंट्रोल रिव्यू (ईक्यूसीआर) पार्टनर थे। कंपनी का 2018-19 में प्राइस वॉटरहाउस एंड को. एलएलपी (पीडब्ल्यू) और पाठक एचडी एंड एसोसिएट्स द्वारा संयुक्त रूप से ऑडिट किया गया था।

क्यों की गई कार्रवाई ?

एनएफआरए ने 12 अप्रैल के आदेश में कहा कि संदिग्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने और अन्य संयुक्त लेखा परीक्षक (पीडब्ल्यू) द्वारा इस्तीफे के बावजूद लेखा परीक्षकों ने ऑडिटिंग के मानकों (एसए) के तहत पर्याप्त प्रक्रियाएं पूरी नहीं की।

Advertisement
First Published - April 15, 2024 | 1:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement