facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

2025 में भी बढ़ेगी ऑफिस डिमांड, 6.5-6.7 करोड़ वर्ग फुट के बीच रह सकती है मांग

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की मांग भी इस साल तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। देश के 6 प्रमुख शहरों में सबसे अधिक मांग बेंगलूरु में देखी जा सकती है।

Last Updated- February 11, 2025 | 5:18 PM IST
Office Space
Representational Image

बीते वर्षों में ऑफिस स्पेस की मांग और आपूर्ति में वृद्धि देखी गई है। इस साल भी इनमें वृद्धि जारी रह सकती है। इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, Banking, Financial Services, and Insurance (BFSI) और फ्लेक्स क्षेत्र प्रमुख मांग चालक के रूप में उभरेंगे। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की मांग भी इस साल तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। देश के 6 प्रमुख शहरों में सबसे अधिक मांग बेंगलुरु में देखी जा सकती है।

2025 में कितनी पहुंच सकती है ऑफिस लीजिंग ?

कॉलियर्स और फिक्की की ओर से मंगलवार (11 फरवरी) को जारी ‘India Office: Setting New Standards for 2025’ रिपोर्ट के अनुसार देश के 6 प्रमुख शहरों में 2025 के दौरान ऑफिस लीजिंग 6.5 से 6.7 करोड़ वर्ग फुट रहने का अनुमान है। पिछले साल यह आंकड़ा 6.64 करोड़ वर्ग फुट था। ऑफिस की मांग बढ़ने के साथ इस साल इनकी आपूर्ति में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2025 में ऑफिस की आपूर्ति 6 से 6.5 करोड़ वर्ग फुट के बीच हो सकती है। 2024 में 5.33 करोड़ वर्ग फुट ऑफिस की आपूर्ति हुई थी। मांग बढ़ने के कारण इस साल वैकेंसी में कमी देखने को मिल सकती है। पिछले साल वैकेंसी दर 16.6 फीसदी थी, जो इस साल गिरकर 15 से 16 फीसदी के बीच रह सकती है।

किस शहर में रहेगी ऑफिस की सबसे अधिक मांग?

इस साल बेंगलूरु में सबसे अधिक ऑफिस की मांग रह सकती है। कॉलियर्स और फिक्की की इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल बेंगलूरु में ऑफिस की मांग 2.17 करोड़ वर्ग फुट दर्ज की गई थी। इस साल भी इस शहर में इसकी मांग 2 करोड़ वर्ग फुट से ऊपर रह सकती है। बेंगलूरु के बाद दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद में ऑफिस की मांग 1 से 1.5 करोड़ वर्ग फुट के बीच रह सकती है। पिछले साल इन शहरों में ये आंकड़े 97 लाख और 1.25 करोड़ वर्ग फुट थे। मुंबई, बेंगलूरु और चेन्नई में इस साल ऑफिस की मांग 50 लाख से 1 करोड़ वर्ग फुट के बीच रह सकती है। कोलियर्स इंडिया के ऑफिस सर्विसेज के प्रबंध निदेशक अर्पित मेहरोत्रा ने कहा कि 2025 में कुल ऑफिस स्पेस की मांग में से एक तिहाई हिस्सा बेंगलूरु का होगा, जिसका नेतृत्व जीसीसी, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग फर्मों और फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। हैदराबाद और दिल्ली एनसीआर में ऑफिस की मांग 5 से 10 फीसदी बढ़ने की संभावना है।

इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, BFSI और फ्लेक्स सेक्टर से बढ़ेगी डिमांड 

इस साल ऑफिस मांग में इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, BFSI और फ्लेक्स क्षेत्र प्रमुख मांग चालक के रूप में उभर सकते हैं। इस साल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में ऑफिस की मांग 1.5 से 2 करोड़ वर्ग फुट मांग रह सकती है। इसके बाद 1.5 करोड़ वर्ग फुट मांग फ्लैक्स स्पेस की रह सकती है। पिछले साल इसकी मांग 1.25 करोड़ वर्ग फुट थी। इस साल इसकी कुल मांग में हिस्सेदारी 19 फीसदी से बढ़कर 20 फीसदी हो सकती है। इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, बीएफएसआई क्षेत्र में ऑफिस की मांग 1 से 1.5 करोड़ वर्ग रहने का अनुमान है। हेल्थकेयर और कंसल्टिंग में ऑफिस मांग 30 से 80 लाख वर्ग फुट रहने की संभावना है।

इस साल GCC की मांग और बढ़ेगी

बीते कुछ वर्षों से भारत में Global Capability Centers (GCCs) की मांग तेजी से बढ़ रही है। कॉलियर्स और फिक्की की इस रिपोर्ट के अनुसार इस साल GCC की मांग और बढ़ सकती है। इस साल इसकी मांग 2.5 से 3 करोड़ वर्ग फुट के बीच रहने की संभावना है। पिछले साल इनकी मांग 2.57 करोड़ वर्ग फुट दर्ज की गई थी और इसमें सालाना आधार पर 41 फीसदी इजाफा हुआ था। इस साल कुल मांग में इसकी हिस्सेदारी 39 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी होने का अनुमान है। बेंगलूरु और हैदराबाद के GCC हब बने रहने की संभावना है। पिछले रुझानों के अनुरूप अमेरिका स्थित कंपनियां अधिकांश बाजारों में GCC विस्तार को आगे बढ़ा सकती हैं और 2025 में GCC की मांग में लगभग 70 फीसदी का योगदान दे सकती हैं। जिसका नेतृत्व प्रौद्योगिकी, बीएफएसआई और इंजीनियरिंग और विनिर्माण फर्म करेंगी।

First Published - February 11, 2025 | 4:36 PM IST

संबंधित पोस्ट