रियल एस्टेट

2025 में रियल एस्टेट का मिला-जुला प्रदर्शन: आवासीय कमजोर, ऑफिस मजबूत

साल 2025 में आवासीय रियल एस्टेट की बिक्री घटी, लेकिन कीमतें बढ़ीं, जबकि वाणिज्यिक क्षेत्र और संस्थागत निवेशक मजबूत प्रदर्शन करते रहे।

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प्राची पिसल   
Last Updated- December 27, 2025 | 10:26 AM IST

वैश्विक महामारी के बाद तीन साल तक तेजी पर सवार रियल एस्टेट उद्योग के लिए 2025 मिला-जुला वर्ष रहा। इस दौरान प्रमुख शहरों में आवासीय रियल एस्टेट की बिक्री में कमी आई लेकिन वाणिज्यिक रियल एस्टेट और संस्थागत निवेश बेहतर प्रदर्शन करने वालों के रूप में उभरे।

आवासीय : बिक्री नरम लेकिन कीमत नहीं कम

साल 2025 में प्रमुख 7 शहरों में मकानों बिक्री की संख्या साल 2024 की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है। एनारॉक के चेयरपर्सन अनुज पुरी ने कहा कि ऊंची कीमतों, वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव का असर मनोबल पर पड़ा है। हालांकि अफने लिए घर खरीदने वालों की मांग बरकरार रही है। साल 2024 में करीब 4,59,000 मकान बेचे गए जो सालाना आधार पर 4 प्रतिशत कम हैं। साल 2025 के पहले 9 महीने में लगभग 2.86 लाख मकान बिके लेकिन यह भी सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की गिरावट है।

अलबत्ता बाजार के फंडामेंटल दमदार बने रहे। शोभा के मुख्य विपणन और संचार अधिकारी सुमीत चुंखारे ने कहा, ‘साल 2025 स्थिर वर्ष रहा है और बाजार स्पष्ट रूप से अंतिम उपयोगकर्ताओं की मांग की दिशा में बढ़ रहा है क्योंकि समझदार मकान खरीदार जोखिम भरी खरीदारी के बजाय गुणवत्ता, विश्वास और दीर्घकालिक मूल्य को प्राथमिकता दे रहे हैं।’

एनारॉक के अनुसार साल 2025 के दौरान प्रमुख शहरों में मकानों की औसत कीमतों में अनुमानित रूप से 6 से 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। प्रीमियम श्रेणी से संचालित आपूर्ति के कारण दिल्ली-एनसीआर सबसे अलग रहा। प्रीमियमीकरण की रफ्तार जारी रही।

अधिक कीमत वाले मकानों ने बिक्री मूल्य बढ़ाया, भले ही संख्या में कमी आई हो। एनारॉक को उम्मीद है कि साल 2024 के 5.68 लाख करोड़ रुपये की तुलना में साल 2025 के अंत तक बिक्री मूल्य में 5 से 10 प्रतिशत का इजाफा होगा।

वाणिज्यिक क्षेत्र : रिकॉर्ड वाला साल

वैश्विक अनिश्चितताओं और आईटी क्षेत्र में छंटनी के बावजूद भारत के कार्यालय बाजार ने साल 2025 में वैश्विक महामारी के बाद की तेजी को जारी रखा। सीबीआरई के चेयरपर्सन और मुख्य कार्य अधिकारी (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिमी एशिया और अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन के अनुसार सकल लीजिंग के 8 करोड़ वर्ग फुट का स्तर पार कर जाने की उम्मीद है, जो सालाना आधार पर 11.26 प्रतिशत अधिक है और सबसे ऊंचे स्तर में शामिल है।

जनवरी-सितंबर में लीजिंग 6 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गई। इसकी अगुआई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), तकनीक, बीएफएसआई, इंजीनियरिंग और विनिर्माण फर्मों और घरेलू कंपनियों की बढ़ती हिस्सेदारी ने की। इस बात की संभावना है कि जीसीसी साल 2025 में कार्यालय की कुल मांग में 35 से 40 प्रतिशत और साल 2025 के 9 महीने के दौरान बड़े सौदों में 55 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी करेंगे।

ओबेरॉय रियल्टी के वरिष्ठ महाप्रबंधक और वाणिज्यिक लीजिंग के प्रमुख क्षितिज बाहरी के अनुसार साल 2025 में कार्यालयों के मामले में जीसीस मांग के सबसे बड़े चालक रहे। बाहरी को उम्मीद है कि अच्छी रियल एस्टेट, लागत फायदे और प्रतिभा की बेहतर उपलब्धता के कारण कुल लीजिंग में उनकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से ऊपर चली जाएगी।

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ने भी रफ्तार को बढ़ावा दिया। माईएचक्यू के मुख्य कार्य अधिकारी और सह-संस्थापक उत्कर्ष कवात्रा ने कहा, ‘फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का अब देश के सभी वाणिज्यिक लीजिंग सौदों में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान है।’

First Published : December 27, 2025 | 10:26 AM IST