facebookmetapixel
Advertisement
एथनॉल मिले पेट्रोल पर उठे सवालों का सरकार ने दिया जवाब, माइलेज घटने की बात भी मानीमहिलाओं के काम करने में सामाजिक सोच नहीं बल्कि नौकरियों की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा: एस. महेंद्र देवफ्लॉप से सुपरहिट बनी इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’, कैसे दर्शकों ने पलट दी बॉक्स ऑफिस की बाजीEditorial: महिलाओं की नकद हस्तांतरण योजनाओं ने बदली तस्वीर, लेकिन बढ़ा राज्यों पर वित्तीय दबावअगले दो साल में IPO के लिए तैयार होंगी 210 नई कंपनियां, रेडसीर की रिपोर्ट में हुआ खुलासाSBI Funds Management आईपीओ से पहले बेचेगी हिस्सेदारी, प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से जुटाए ₹1,655 करोड़शेयर बाजार में हफ्ते भर मची रही हलचल, रिलायंस और बैंकिंग शेयरों की दम पर आखिरी दिन हुई चौतरफा रिकवरीरूफटॉप सोलर स्कीम को मिलेगी बड़ी रफ्तार, विश्व बैंक भारत के लिए जुटाएगा $4.2 अरब का प्राइवेट फंडMSME सेक्टर को बड़ी राहत, अब सभी सरकारी कंपनियों के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म से बिल भुगतान जरूरीओयो-जॉस्टल के बीच बढ़ा कानूनी विवाद, दिल्ली HC ने बैकपैकर हॉस्टल श्रृंखला की नई अर्जी को किया खारिज

टाटा मोटर्स की तैयारी, बेचेगी हिस्सेदारी

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 5:28 PM IST

जगुआर और लैंड रोवर को अपने कब्जे में करने के बाद अब टाटा मोटर्स उसके लिए पैसे का इंतजाम करने में जुट गई है।


इस सौदे के जरिये दुनिया भर में तहलका मचाने वाली यह कंपनी अपनी दो इकाइयों एचवी एक्सेल (एचवीएएल) और एचवी ट्रांसमिशन (एचवीटीएल) में से कुछ हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है।


सूत्रों के मुताबिक टाटा मोटर्स इस सौदे के लिए तमाम वाहन कंपनियों के साथ बातचीत शुरू कर चुकी है। इनमें ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली एक अंतरराष्ट्रीय दिग्गज कंपनी भी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक हिस्सेदारी बेची जरूर जाएगी, लेकिन मुनाफा कमाने वाली दोनों कंपनियों के ज्यादातर शेयर टाटा के ही पास रहेंगें।


इस बारे में सवाल पूछे जाने पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने 26 मार्च को ही बताया था कि कंपनी तमाम योजनाओं पर विचार कर रही है। अंदरूनी पड़ताल और निदेशक मंडल के विचार के बाद इस बारे में ऐलान कर दिया जाएगा। इससे ज्यादा कहने के लिए हमारे पास और कुछ नहीं है।’


वैसे जगुआर लैंडरोवर खरीदने की कीमत अदा करने के लिए टाटा मोटर्स ने मुनाफा कमाने वाली अपनी कुछ कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने के बारे में भी सोचा था। इनमें एचवीएएल और एचटीवीएल शामिल थीं। लेकिन बाजार की बेरुखी और टाटा मोटर्स के पास पैसे की कमी को देखकर फिलहाल यह इरादा ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। एएसके सिक्योरिटीज में वाहन विश्लेषक विजय सारथी ने कहा कि बाजार की स्थिति अभी भी अच्छी नहीं है।

Advertisement
First Published - April 1, 2008 | 1:31 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement