facebookmetapixel
Advertisement
खाद्य तेलों पर बढ़ सकती है आयात निर्भरता, तिलहन फसलों की बुवाई अब भी सामान्य से 26% कमEternal Q1FY27 Results: मुनाफा 268% बढ़कर ₹92 करोड़, रेवेन्यू भी 182% बढ़ाSBI फंड्स vs HDFC AMC vs ICICI प्रूडेंशियल AMC: निवेश के लिए कौन बेहतर?टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में रहते हैं? अब RajmargYatra App से घर बैठे बनवाएं Local Pass; चेक करें ऑनलाइन प्रोसेसPM किसान की किस्त रुकी है? ऐसे दर्ज करें ऑनलाइन शिकायतAdani Power Q1 Results: मुनाफा 47% से ज्यादा बढ़ा, बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ जुटाने को दी मंजूरीCube Highways Trust InvIT IPO: आज से खुला ₹5,000 करोड़ का इश्यू, निवेश से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय और GMP का हालDelhi Metro Alert: दिल्ली में सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशन बंद, जानें कौन से रूट हुए प्रभावितTVS Motor: 3% उछला शेयर, Q1 नतीजों के बाद क्या करें निवेशक? ब्रोकरेज ने जताया 15% अपसाइड का अनुमानBCCL Share Crash: तिमाही नतीजों ने लगाया बड़ा झटका! एक दिन में 8% से ज्यादा टूटा मल्टीबैगर PSU शेयर

नियोजित मेगा रिफाइनरी विभिन्न जगहों पर होगी विभाजित!

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 11:58 PM IST
Petrochemical Duty Exemption

भूमि अधिग्रहण की चुनौतियों के कारण भारत, सऊदी अरामको और अबू धाबी नैशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के साथ एक विशाल संयंत्र के बजाय कई रिफाइनरी बनाने पर विचार कर रहा है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

भूमि खरीद में बाधाएं बुनियादी ढांचे के सुस्त विकास का कारण

भूमि खरीद में बाधाएं एशिया की इस तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बुनियादी ढांचे के सुस्त विकास के प्रमुख कारणों में से हैं। अरामको और ADNOC वर्ष 2018 में पश्चिमी महाराष्ट्र में 12 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली तटीय रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल संयंत्र स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा संचालित फर्मों के एक संघ में शामिल हुए थे, जो अपने तेल के लिए विश्वसनीय आउटलेट तलाश रहे थे।

यह भी पढ़े: सीमेंट बाजार में तीसरे नंबर की होड़ बढ़ी

लागत 36 प्रतिशत तक बढ़कर 60 अरब डॉलर हो चुकी

जमीन का 15,000 एकड़ का टुकड़ा हासिल करने में हुई देर ने इस परियोजना को लगभग ठप ही कर दिया है। शुरुआत में यह योजना वर्ष 2025 के लिए बनाई गई थी और वर्ष 2019 में किए गए अनुमानों के अनुसार लागत 36 प्रतिशत तक बढ़कर 60 अरब डॉलर हो चुकी है। एक सूत्र ने कहा कि एक प्रस्ताव यह है कि एक के बजाय हमारे पास वास्तव में तीन (भू-भाग) हो सकते हैं, जो इसमें शामिल कंपनियों के बीच चर्चा का विषय है।

Advertisement
First Published - December 15, 2022 | 7:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement