एमेजॉन इंडिया के प्रमुख अमित अग्रवाल ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट को लेकर चल रहे उस विवाद पर जवाब दिया है जिसमें आरोप लगाया गया था कि इस ई-कॉमर्स दिग्गज ने ई-कॉमर्स में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर स्थानीय कानूनों को धता बताते हुए भारतीय नियामकों को चकमा दिया है।
इस रिपोर्ट में यह कहा गया था कि एमेजॉन ने किस तरह वर्षों से अपने भारतीय प्लेटफॉर्म पर विक्रेताओं के एक छोटे-से समूह को तरजीह दी है, विक्रेताओं के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक रूप से गलत तरीके से पेश किया है और ई-कॉमर्स को प्रभावित करने वाले लगातार सख्त हो रहे विदेशी निवेश संबंधी नियमों से बचने के लिए उनका उपयोग किया है।
एमेजॉन इंडिया के ग्लोबल वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कंट्री लीडर अमित अग्रवाल ने कर्मचारियों को भेजे गए एक पत्र में कहा है कि यह रिपोर्ट अप्रमाणित है, अधूरी, तथ्यात्मक रूप से गलत है। एमेजॉन ने हमेशा से ही सभी भारतीय कानूनों का अनुपालन किया है और कर रही है। हमने दस्तावेज नहीं देखे हैं और रॉयटर्स ने सत्यता की पुष्टि करने के लिए स्रोत साझा नहीं किया है – यह विवरण संभवत: संवेदना पैदा करने और हमें बदनाम करने की दुर्भावनापूर्ण मंशा से दिया गया है।
कंपनी एक करोड़ एमएसएमईएस का डिजिटलीकरण करने, निर्यात में 10 अरब डॉलर संभव करने और वर्ष 2025 तक इजाफे वाली 10 लाख नौकरियों का सृजन करने के अपने वादे के लिए प्रतिबद्ध है। एमेजॉन ने अब तक भारतीय बाजार को 6.5 अरब डॉलर से अधिक सुपुर्द किया है। अग्रवाल ने कहा कि सचाई यह है कि वह अपने ग्राहकों और विक्रय करने वाले भागीदारों की जिम्मेदारियों को बहुत गंभीरता से लेती है।
कंपनी ने बड़ी संख्या में उद्यमियों और कारोबारों को डिजिटल बनाने के लिए भारी निवेश किया है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उठने में मदद मिल रही है। कंपनी ने हाल ही में स्टेप कार्यक्रम की शुरुआत की थी ताकि विक्रय करने वाले साझेदारों के लिए एमेजॉन पर अपना प्रदर्शन सुधारने और उस पर नजर रखना आसान हो सके।