facebookmetapixel
बीमा सेक्टर में कमाई का मौका? मोतीलाल ओसवाल ने इस कंपनी को बनाया टॉप पिकQ3 Results 2026: TCS से लेकर HCL Tech और आनंद राठी तक, सोमवार को इन कंपनियों के आएंगे नतीजेGold Silver Price Today: सोना चांदी ऑल टाइम हाई पर; खरीदारी से पहले चेक करें रेटEPFO का ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए नया नियम, पहचान अपडेट करना हुआ आसानBharat Coking Coal IPO: GMP 45% ऊपर, पहले ही दिन 8 गुना अप्लाई; सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं ?₹900 के आसपास मौका, ₹960 तक मिल सकती है उड़ान, एनालिस्ट ने इन 2 स्टॉक्स पर दी BUY की सलाहGST घटते ही बीमा पॉलिसियों की बिक्री में जबरदस्त उछाल, LIC ने मारी बाजीअमेरिका के फैसले से जलवायु लड़ाई को झटका, भारत में ग्रिड बनी बड़ी बाधा: सुमंत सिन्हाStock Market Update: टैरिफ चिंता से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 200 अंक टूटा; निफ्टी 25700 के नीचे फिसलासरकारी उद्यमों का तेज निजीकरण जरूरी: CII की सिफारिश

ई-कॉमर्स में बड़ा दांव लगाएगी जेएसडब्ल्यू

Last Updated- December 11, 2022 | 3:47 PM IST

सज्जन जिंदल के नियंत्रण वाली जेएसडब्ल्यू ग्रुप वित्त वर्ष 2032 तक 20 अरब डॉलर की सकल व्यावसायिक वैल्यू (जीएमवी) के लक्ष्य के साथ जेएसडब्ल्यू वन प्लेटफॉर्म्स को बि​ल्डिंग मैटेरियल उद्योग में ई-कॉमर्स दिग्गज बनाने की तैयारी कर रही है।

दिसंबर 2021 में समूह की ई-कॉमर्स पहल के तौर पर शुरू की गई जेएसडब्ल्यू वन प्लेटफॉर्म्स उसके स्टील, सीमेंट और पेंट व्यवसायों के लिए अतिरिक्त वितरण इकाई है। भविष्य में इनमें से प्रत्येक सेगमेंट में कंपनियों का बड़ा हिस्सा जेएसडब्लयू वन से हासिल होने की संभावना है। लेकिन इससे थर्ड पार्टी ब्रांड भी जुड़े होंगे।

वित्त वर्ष 2032 तक 20 अरब डॉलर की जीएमवी के लक्ष्य में से जेएसडब्ल्यू उत्पादों का योगदान 65 प्रतिशत रहने की संभावना है, शेष भागीदारी गैर-जेएसडब्ल्यू की होगी। 

जेएसडब्ल्यू वन प्लेटफॉर्म्स के निदेशक पार्थ जिंदल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि यह समूह के लिए बेहद बड़ा बी2बी ई-कॉमर्स दांव होगा।’ जेएसडब्ल्यू वन प्लेटफॉर्म्स मौजूदा समय में दो व्यावसायिक खंडों में परिचालन करता है: बी2बी स्पेस में जेएसडब्ल्यू वन एमएसएमई प्लेटफॉर्म और बी2सी स्पेस में जेएसडब्ल्यू वन होम्स प्लेटफॉर्म्स।

जिंदल ने कहा कि व्यवसाय ने सालाना वृद्धि दर के संदर्भ में 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था और अच्छी तेजी दर्ज की थी। उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2023 का समापन 3,000 करोड़ रुपये की जीएमवी के साथ होगा। वित्त वर्ष 2024 के लिए ल​क्षित जीएमवी 1 अरब डॉलर है।

एमएसएमई सेगमेंट और होम्स में परिचालन का दायरा देश के द​क्षिणी और प​श्चिमी हिस्सों तक सीमित है। जिंदल ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक हम पूरे द​क्षिण और प​श्चिम भारत को शामिल कर लेंगे और वित्त वर्ष 2024 के अंत तक पूरे देश में सेवाएं मुहैया कराएंगे।’

First Published - September 8, 2022 | 9:57 PM IST

संबंधित पोस्ट