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राइडर्स से उतरेंगे शाहरुख!

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Last Updated- December 11, 2022 | 4:20 AM IST

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से कोलकाता शब्द हटाने के बाद अब शाहरुख खान टीम से ही पिंड छुड़ाने की फिराक में दिख रहे हैं।
इस ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के दूसरे सीजन में टीम के खराब प्रदर्शन के बीच शाहरुख पूरी टीम बेचने या टीम पर नियंत्रण लायक हिस्सेदारी बेचने के लिए कुछ कॉर्पोरेट दिग्गजों से बात कर रहे हैं।
शाहरुख और जूही चावला की कंपनी रेड चिलीज में सूत्रों ने बताया, ‘शाहरुख खान पिछले कुछ वक्त से केकेआर में हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ज्यादातर कॉर्पोरेट खिलाड़ी टीम के प्रबंधन पर भी अपना कब्जा चाहते हैं, इसलिए अब नोकिया, सहारा, अनिल अंबानी और कुछ अन्य से टीम बेचने की बात चल रही है।’ रेड चिलीज की ही केकेआर में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।
इस बारे में सवालों को शाहरुख खान के जनसंपर्क अधिकारी ने टाल दिया। उसने कहा, ‘मैं इस बारे में कुछ नहीं जानता। मैं शाहरुख खान से अभी मिला नहीं हूं और एक बार पुख्ता तौर पर कुछ जानने के बाद ही मैं कुछ कह सकता हूं।’
सहारा के संचार निदेशक अभिजित सरकार ने भी इस बारे में सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘शाहरुख खान ने अभी तक हमसे बात नहीं की है। लेकिन अगर वह ऐसा करते हैं, तो टीम खरीदने में हमें खुशी होगी।’
नोकिया इंडिया के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (मार्केटिंग) डी शिवकुमार ने सवाल के जवाब में एसएमएस भेजा, जिसमें लिखा था, ‘शाहरुख खान के हाथों में ही टीम रहेगी।’ रिलायंस कम्युनिकेशंस के प्रवक्ता ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उसने कहा, ‘अनिल अंबानी के साथ कई लोग कारोबारी बातचीत करते हैं। जब तक कुछ ठोस नहीं होता, मैं कुछ बता नहीं सकता।’
रेड चिलीज में सूत्रों ने बताया कि टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा शाहरुख खान का लगातार विवादों में घिरना भी इसकी बड़ी वजह है। हालांकि शाहरुख कह चुके हैं कि पिछले साल 13 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने वाली उनकी टीम आईपीएल की सबसे कामयाब फ्रैंचाइजी है, लेकिन सौरभ गांगुली और बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के साथ उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं।
सूत्रों ने बताया, ‘अगर बीसीसीआई अगले साल आईपीएल के लिए टीमों की तादाद नहीं बढ़ाता है, तो केकेआर की टीम अच्छे दामों पर बिकेगी। शाहरुख ने जितनी कीमत में इसे खरीदा था, उसकी दोगुनी कीमत भी उन्हें मिल सकती है। लेकिन इसका उलटा हुआ, तो शाहरुख को कम दाम पर भी सब्र करना पड़ सकता है।’
इस टीम के लिए हर साल कुल लागत 75 करोड़ होती है। लेकिन शाहरुख को पिछले साल कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और कैब की वजह से 3 गुना लागत चुकानी पड़ी थी। दरअसल सुरक्षा पर खर्च के मामले में आईपीएल और कोलकाता पुलिस के बीच तनातनी की वजह से शाहरुख की कंपनी को करीब डेढ़ महीने तक ईडन गार्डंस की पुलिस सुरक्षा के लिए 75 लाख रुपये अलग से देने पड़े थे।
हरेक मैच के लिए रेड चिलीज को 90 लाख रुपये देने पड़े थे और अगर सारे टिकट बिके हों, तो हर मैच से उसे 3 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। इसके अलावा उसे हर मैच में पुलिस को 20 लाख रुपये और म्युनिसिपल्टी कर के रूप में 5 लाख रुपये देने पड़े थे।
खराब प्रदर्शन, ज्यादा खर्च और लगातार विवादों से ऊबे शाहरुख ढूंढ रहे केकेआर का खरीदार
नोकिया, सहारा और अनिल अंबानी के साथ बातचीत की खबर
गांगुली और कैब के साथ परेशानी
पिछले साल 13 करोड़ रुपये का मुनाफा

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First Published - April 30, 2009 | 4:58 PM IST

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