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एनबीए की नए आईटी नियमों से छूट की मांग

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:22 AM IST

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने गुरुवार को सरकार से पारंपरिक टेलीविजन समाचार मीडिया और डिजिटल समाचार प्लेटफॉर्म पर इसकी विस्तारित उपस्थिति को आईटी नियम 2021 के दायरे से ‘छूट देने और बाहर’ रखने का आग्रह किया। उसने कहा कि वह पहले से ही विभिन्न व्यवस्थाओं, कानूनों, दिशानिर्देशों और नियम एवं विनियमनों द्वारा ‘पर्याप्त रूप से विनियमित’ है।
एनबीए ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर को लिखे एक पत्र में अपनी चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा, ‘सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (आईटी अधिनियम, 2000) ने डिजिटल समाचार मीडिया के नियमन पर विचार नहीं किया था। इसके बावजूद, आईटी नियम, 2021 में अन्य के साथ-साथ पारंपरिक समाचार मीडिया यानी इलेक्ट्रॉनिक टेलीविजन समाचार मीडिया, जिसमें डिजिटल समाचार फीड शामिल हैं और अन्य डिजिटल मीडिया प्लेटफार्मों पर उपस्थिति को इसके दायरे में लाने का प्रयास किया गया है।’
एनबीए कई प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय निजी टेलीविजन समाचार और समसामयिक मामलों के प्रसारकों का प्रतिनिधित्व करता है जो हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार चैनल चलाते हैं। उसने कहा, ‘एनबीए विनियमन की आवश्यकता की सराहना करता है लेकिन किसी भी स्थिति में पारंपरिक समाचार मीडिया को आईटी नियम 2021 के दायरे में लाने या शामिल करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही विभिन्न व्यवस्थाओं, कानूनों, दिशानिर्देशों और नियम एवं विनियमनों द्वारा ‘पर्याप्त रूप से विनियमित’ है।’
उसने कहा कि एनबीए के सदस्यों का आचार संहिता एवं प्रसारण मानकों और नैशनल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडड्र्स अथॉरिटी (एनबीएसए) विनियमनों और दिशानिर्देशों का पालन करना भी आवश्यक है।

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First Published - May 27, 2021 | 11:27 PM IST

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