facebookmetapixel
Corporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरीX पर लेख लिखिए और जीतिए 1 मिलियन डॉलर! मस्क ने किया मेगा इनाम का ऐलान, जानें पूरी डिटेलChatGPT में अब आएंगे Ads, अमेरिका के यूजर्स के लिए ट्रायल शुरूलक्ष्मी मित्तल के पिता मोहन लाल मित्तल का निधन, उद्योग और समाज में गहरा शोकHDFC Bank Q3 Results: नेट प्रॉफिट 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़ पर पहुंचा, NII ₹32,600 करोड़ के पारहर 40 शेयर पर मिलेंगे 5 अतिरिक्त शेयर! IT और कंसल्टिंग कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सYES Bank की कमाई में जबरदस्त उछाल, Q3 में मुनाफा 55% बढ़ा

एफएम पर सुन चुनावी ज्ञान की धुन

Last Updated- December 11, 2022 | 2:20 AM IST

आम चुनाव के आते ही चुनाव से संबंधित विज्ञापनों की मानो बाढ़ सी आ जाती है।
निस्संदेह ऐसे माहौल में आपके ब्रांड इक्विटी को और बेहतर बनाने के लिए चुनाव एक बेहतर साधन साबित हो सकता है। उदाहरण के लिए आप टाटा टी की ‘जागो रे’ अभियान को ही ले लीजिए।
यह संभवत: टेलीविजन पर दिखाया जाने वाला पहला व्यावसायिक विज्ञापन था जिसमें लोगों से वोट करने की मांग की गई थी। इसके बाद ‘शट अप एंड वोट’ जैसे रॉक वीडियो का आगमन हुआ। हालांकि बाद में अग्रणी मीडिया कंपनी बेनेट एंड कोलमेन ने भी अपनी लीड इंडिया अभियान के जरिए इस होड़ में शामिल हुई थी।
खैर, अब इस अंधानुकरण में एफएम रेडियो चैनलों के  शामिल होने की बारी है। इस दिशा में रेडियो सिटी 91.1 एफएम, बिग 92.7 एफएम और रेडियो मिर्ची जैसे देश के अग्रणी रेडियो चैनलों ने भी अपने-अपने अभियान शुरू किए हैं। एफएम रेडियो चैनलों का एक ही उद्देश्य है-लोगों को वोट के लिए प्रोत्साहित करना।
ब्रांड विशेषज्ञों का कहना है, ‘ऐसे समय में जहां मंदी की वजह से विज्ञापन के क्षेत्र में सूखा है वहां चुनावी मौसम में विज्ञापनों का आना हमारे लिए किसी जीत से कम नहीं है। ये मुख्य रूप से सामाजिक जिम्मेदारी वाले विज्ञापन हैं। इन विज्ञापनों में एक खास बात यह भी है कि आप अपने लक्षित उपभोक्ता को अच्छे तरीके से टार्गेट कर सकते हैं।’
हैदराबाद में बिग 92.7 एफएम के स्टेशन डायरेक्टर रमेश भाष्कर ने बताया कि अगर आप एक ओर संपूर्ण मीडिया की बात करें तो इसने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक जबरदस्त कार्यक्षमता का परिचय दिया है और इसी के आलोक में रेडियो ने भी सभी लोगों को जोड़ने में एक प्रभावशाली उपकरण के रूप में काम किया है।
बिग एफएम द्वारा शुरू किए गए अभियान का नाम ‘बटन दबाया क्या’ है। बिग एफएम अपने इस अभियान के जरिए लोगों को वोट करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसी अभियान के दौरान एक जगह चित्रित किया गया है कि महिलाएं जिन्होंने कसम खाई है कि अगर वे वोट देने में विफल हो जाती हैं तो वे अपने पतियों को खाना नहीं खिलाएंगी।
भाष्कर ने बताया, ‘रेडियो चैनलों का मनोरंजन वास्तव में किसी उद्देश्य के लिए है। इस बाबत श्रोताओं की ओर से हम लोगों को जबरदस्त प्रतिक्रियाएं मिली हैं।’ रेडियो मिर्ची 98.3 एफएम देश की सबसे प्रसिध्द रेडियो चैनलों में से एक है। रेडियो मिर्ची ने भी लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाने के लिए अभियान चलाया है।
रेडियो मिर्ची एफएम चैनल ‘डॉट है तो हॉट है’ के नाम से अभियान चला रहा है। रेडियो मिर्ची के मुख्य प्रोग्रामिंग अधिकारी तपस सेन ने बताया कि हमारे एफएम रेडियो पर चलाए जाने वाले अभियान ने काफी सफलता हासिल कर ली है। नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए रेडियो मिर्ची रियलटी रेडियो के जरिए मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया के मार्ग में मदद कर रही है।
रेडियो मिर्ची का एक आरजे पंजीकरण केंद्र पर मतदान विवरणों को भरेगा और पंजीकरण प्रक्रिया लाइव के जरिए अपने श्रोताओं को सुनाएगा। सेन ने बताया, ‘हम लोग दिल्ली में कुछ विशेष कार्यक्रमों को लेकर आ रहे हैं। अपने कार्यक्रम के तहत हम उन लोगों को पुरस्कार देंगे जो मतदान किए हैं और उन्हें सजा देंगे जिन्होंने मतदान नहीं किया है। इसके अलावा, हम लोग उन लोगों के साउंड बाइट की भी सुनाने की व्यवस्था करेंगे जिन्होंने आजादी के दौरान मतदान किया है।’
हालांकि देश की एक और अग्रणी रेडियो चैनल रेडियो सिटी 91.1 एफएम भी इस होड़ में पीछे नहीं है। रेडियो सिटी ने जो अभियान शुरू किया है उसका नाम ‘व्याइस करो चवाइस करो’ है। रेडियो सिटी के सीईओ अपूर्वा पुरोहित ने बताया कि 2611 की घटना के बाद हमारे देश की राजनीति में बहुत बड़ा बदलाव आया है और आगमी चुनाव में सरकार को चुनने के लिए अब देश के युवा भी भागीदार बनना चाहते हैं।

First Published - April 23, 2009 | 11:10 AM IST

संबंधित पोस्ट