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सहायक इकाइयों के लिए एयरटेल का बड़ा खर्च

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:24 PM IST

प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने कहा है कि उसने अगले पांच साल के दौरान अपनी सहायक इकाइयों के साथ विभिन्न कारोबार मद में 1.17 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।
शेयर बाजारों को दी जानकारी में एयरटेल ने कहा कि वह अपनी सहायक इकाइयों- इंडस टावर्स, नेक्सट्रा और भारती हेक्साकॉम के साथ कारोबारी लेनदेन में यह रकम खर्च करेगी। कंपनी 26 फरवरी को अपने सदस्यों के साथ असाधारण आम बैठक (ईजीएम) करने जा रही है। इस बैठक में गूगल द्वारा करीब 7,500 करोड़ रुपये में कंपनी की 1.28 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर मंजूरी ली जाएगी।
भारती एयरटेल की ओर से जारी ईजीएम नोटिस के अनुसार, वह मोबाइल टावर कंपनी इंडस टावर्स के साथ कारोबार पर 88,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा वह नेक्सट्रा की डेटासेंटर सेवाएं लेने के लिए 15,000 करोड़ रुपये और भारती हेक्साकॉम के साथ लेनदेन पर 14,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
सूचना में कहा गया है कि भारती एयरटेल अगले चार वित्त वर्षों के दौरान इंडस टावर्स के साथ प्रत्येक साल लेनदेन पर 17,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा वह 2025-26 में 20,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
दूरसंचार कंपनी ने कहा है कि 5जी सेवाओं के लिए उसे ढांचागत सुविधाओं का विस्तार करने की जरूरत होगी। इसलिए उसने 2025-26 में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है।
सूचना में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर 5जी के विकास को देखते हुए भारत में भी 5जी सेवाएं जल्द शुरू हो सकती हैं। धीरे-धीरे प्रमुख शहरों में और उसके बाद देश भर में मौजूदा नेटवर्क को 5जी के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए व्यापक बुनियादी ढांचे को देखते हुए कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इंडस टावर्स संग सालाना 20,000 करोड़ रुपये तक कारोबार करने की योजना बनाई है।

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First Published - February 6, 2022 | 11:17 PM IST

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