facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का भारी पलायन, 2026 में अब तक निकाले ₹2.67 लाख करोड़LPG की कीमत बढ़ने पर सरकार की सफाई: अभी भी सबसे सस्ता गैस यहां, उपभोक्ताओं को ज्यादा नुकसान नहींAlphaGrep की म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में एंट्री, जुलाई में लॉन्च होगा पहला फंडपश्चिम एशिया में तनाव व महंगाई के आंकड़े तय करेंगे बाजार की चाल, इस हफ्ते इन बड़े फैक्टर्स पर रहेगी नजरशेयर बाजार की सुस्ती से टॉप 7 कंपनियों को डूबे ₹1.25 लाख करोड़, रिलायंस को हुआ सबसे तगड़ा नुकसानWeekly Economy Wrap: ब्याज दरों पर RBI की ब्रेक, मजबूत GDP के साथ बदले आर्थिक समीकरणप्याज खरीद के नियम तो बदले पर किसान खुश नहीं, मांग: असली समस्या मिल रहे कम दाम से, उसे बढ़ाना जरूरीAnnuity Plan खरीदने का कर रहे हैं विचार? एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे और छिपे हुए सभी रिस्क550% का मोटा डिविडेंड! NBFC सेक्टर से जुड़ी मशहूर कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेमहंगाई की मार! रसोई गैस ₹29 और महंगी, दिल्ली में अब 942 रुपये का हुआ घरेलू LPG सिलेंडर

IRFC ने 10 साल के बॉन्ड से जुटाए 2,840 करोड़ रुपये

Advertisement

IRFC के बॉन्ड को AAA रेटिंग; टाटा कैपिटल हाउसिंग ने 7.685% कूपन दर पर 500 करोड़ रुपये जुटाए

Last Updated- December 24, 2024 | 11:09 PM IST
IRFC Q1 Results: Net profit of railway company increased by 1.64 percent, multibagger stock has given 290% returns in one year IRFC Q1 Results: रेल कंपनी का 1.64 फीसदी बढ़ा नेट मुनाफा, मल्टीबैगर स्टॉक ने एक साल में दिए हैं 290% रिटर्न

इंडियन रेलवे फाइनैंस कॉरपोरेशन (आईआरएफसी) ने 10 साल के बॉन्डों से 7.15 प्रतिशत कूपन दर पर 2,840 करोड़ रुपये जुटाए हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। आईआरएफसी भारतीय रेलवे के लिए रकम जुटाने वाली इकाई है, जो घरेलू और विदेशी पूंजी बाजारों से धन जुटाती है।

आईआरएफसी ने बाजार से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। इसमें बेस इश्यू 500 करोड़ रुपये और ग्रीन शू ऑप्शन 2,500 करोड़ रुपये का था। घरेलू क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल, इक्रा और केयर ने इस बॉन्ड को एएए रेटिंग दी थी।

सूत्रों ने बताया कि इसके लिए कुल 5,640 करोड़ रुपये की बोली मिली, लेकिन आखिर में कंपनी ने केवल 2,840 करोड़ रुपये जुटाना तय किया। इस माह की शुरुआत में आईआरएफसी ने 10 साल के बॉन्डों से 7.09 प्रतिशत कूपन दर पर 2,345 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बॉन्डों की मौजूदा कूपन दर 6 आधार अंक ज्यादा है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर में कटौती के बाद 10 साल के भारत सरकार की प्रतिभूतियों की यील्ड की चाल का पता चलता है।

वहीं सूत्रों ने यह भी बताया कि टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनैंस ने 43 महीने के मैच्योरिटी वाले बॉन्डों के माध्यम से 7.685 प्रतिशत कूपन दर से 500 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने 1,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, जिसका बेस साइज 500 करोड़ रुपये और ग्रीन शू ऑप्शन 500 करोड़ रुपये था। लेकिन वह केवल बेस साइज के बराबर रकम जुटा सकी।

रॉकफोर्ट फिनकैप एलएलपी के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा कि आईआरएफसी ने 7.16 प्रतिशत यील्ड पर 2,850 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे मौजूदा बाजार के माहौल और दरों में थोड़ी तेजी का पता चलता है। वहीं रिजर्व बैंक ने 10 साल की अवधि के राज्य विकास ऋण (एसडीएल) जारी किए, जिसका विभिन्न राज्यों का कटऑफ यील्ड 7.11 से 7.19 प्रतिशत के बीच था।

Advertisement
First Published - December 24, 2024 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement