facebookmetapixel
Advertisement
एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा संस की जमकर हुई कमाई! मिला ₹2.71 लाख करोड़ का डिविडेंड10 मिनट में सामान पहुंचने के दौर में भी किराना दुकानें क्यों नहीं हारेंगी? रिपोर्ट में सामने आई बड़ी वजहटाटा मोटर्स पीवी का शेयर 5% टूटा, कमजोर नतीजों के बाद क्या करें निवेशक?लीप इंडिया आईपीओ की ठीक-ठाक शुरुआत, 159 रुपये का शेयर 166 रुपये पर हुआ लिस्ट2026 में टूटेगा गर्मी का रिकॉर्ड! अल-नीनो ने बढ़ाई टेंशन, 69% पहुंची सबसे गर्म साल बनने की संभावनादुनिया का ‘इमरजेंसी ऑयल कुशन’ लगभग खत्म? 400 मिलियन बैरल में से 350 मिलियन बैरल बाजार ने सोख लिएजेटवर्क की IPO से ₹2,600 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में नए सिरे से दाखिल किया ड्राफ्ट पेपरहोर्मुज खुलने पर संशय बढ़ा! मुनाफावसूली के दबाव से सोना ₹1,117 टूटा, चांदी ₹1,861 फिसलीAI की दौड़ से Airtel-Jio को बड़ा फायदा! डेटा सेंटर और क्लाउड से खुल सकते हैं कमाई के नए रास्तेStock Market Update: सेंसेक्स 200 अंक फिसला; होनासा कंज्यूमर के शेयरों में Q1 रिजल्ट के बाद तूफानी तेजी, 52-वीक हाई पर पहुंचा भाव

महंगाई से कीमतों में वृद्धि के आसार

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 6:56 AM IST

कंज्यूमर ड््यूरेबल फर्म ब्लू स्टार ने आज आम लोगों की श्रेणी में एयर कंडिशनर (एसी) शृंखला लॉन्च की। इसे कंपनी की रणनीति में उल्लेखनीय बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है जहां कंपनी सभी लोगों के लिए कुछ न कुछ सुनिश्चित करना चाहती है।
ब्लू स्टार के प्रबंध निदेशक बी त्यागराजन ने कहा, ‘एसी जैसे ड्यूरेबल्स को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। हमने जनवरी में 5 से 8 फीसदी की मूल्य वृद्धि की थी। हम अप्रैल में 3 फीसदी और कीमत बढ़ा सकते हैं। हमने महसूस किया कि खुद को एक छोटे उपभोक्ता आधार तक सीमित रखने के बजाय हमें व्यापक बाजार पर गौर करना चाहिए। इस तरीके से हम अपने जोखिम को भी कम कर सकेंगे और यह सुनिश्चित हो सकेगा कि बिक्री पूरी गर्मी जारी रहेगी।’
ब्लू स्टार का यह नजरिया ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय उद्योग जगत जिंस कीमतों में तेजी की मार झेल रहा है। तांबा से लेकर एल्युमीनियम तक सभी धातु कीमतों में पिछले तीन महीनों के दौरान 7 से 32 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 33 फीसदी और सोया तेल एवं पाम ऑयल की कीमतों में इस दौरान 17 से 24 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है।
इस्पात के मामले में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। दिसंबर तिमाही के दौरान इस्पात कीमतों में 29 से 30 फीसदी की भारी वृद्धि दर्ज की गई थी। लौह अयस्क की लागत बढऩे से कीमतों में तेजी आई।
आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) के मुख्य विपणन अधिकारी रंजन धर ने कहा, ‘चीन में नए साल की छुट्टियों के बाद इस्पात की कीमतों में वैश्विक स्तर पर 8 से 10 डॉलर प्रति टन की तेजी आई। चीन के इस्पात एफओबी (फ्री ऑन बोर्ड) कीमतों में भी 70 डॉलर प्रति टन से अधिक की वृद्धि हुई। भारत में भी इस्पात व्यापारियों ने पिछले सप्ताह कीमतों में 750 से 1,000 रुपये प्रति टन की वृद्धि की है। इन सब घटनाओं से पता चलता है कि पूरा धातु क्षेत्र ऊंची कीमत वाले जिंस चक्र से गुजर रहा है।’
धर ने कहा कि फिलहाल ‘वैल्यू इंजीनियरिंग’ पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है क्योंकि इससे हम प्रति टन इस्पात की अधिकतम उपयोगिता सुनिश्चित कर सकते हैं जिससे लागत में उल्लेखनीय बचत होगी। हालांकि वाहन के अलावा रेफ्रिजरेटर, एयर कूलर, वॉशिंग मशीन और टेलीविजन सेट जैसी कंज्यूमर ड्यूरेबल वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को टालने की गुंजाइश कम दिख रही है।
गोदरेज अप्लायंसेज के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं कारोबार प्रमुख कमल नंदी ने कहा कि मूल्य वृद्धि को टाला नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘जिंस कीमतों में तेजी एक चुनौती बन गई है। यही कारण है कि विनिर्माताओं को मूल्य वृद्धि के साथ संतुलन स्थापित करना पड़ रहा है। जनवरी से ही चरणबद्ध तरीके से सभी होम अप्लायंसेज की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है।’

Advertisement
First Published - March 17, 2021 | 11:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement