उद्योग

इंडिगो की उड़ानें क्यों पटरी से उतरीं? कंपनी के अधिकारी ने बताई वजह और बताया कब होंगे हालात ठीक

रविवार को कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ये दिक्कतें कई वजहों से आई हैं, और अब पूरा फोकस ऑपरेशंस को ठीक करने पर है

Published by
बीएस वेब टीम   
Last Updated- December 07, 2025 | 8:23 PM IST

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों उड़ानों में हो रही देरी और कैंसिलेशन की वजह से सुर्खियों में है। रविवार को कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ये दिक्कतें कई वजहों से आई हैं, और अब पूरा फोकस ऑपरेशंस को ठीक करने पर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 10 दिसंबर तक सब कुछ सामान्य हो जाएगा। पिछले हफ्ते से यात्रियों को काफी परेशानी हुई है, लेकिन रविवार को हालात बेहतर दिखे। आमतौर पर इंडिगो रोजाना करीब 2300 उड़ानें चलाती है, लेकिन शनिवार को सिर्फ 1500 उड़ानें ही उड़ीं। रविवार को ये संख्या बढ़कर 1650 हो गई, जो पहले से बेहतर संकेत है।

अधिकारी ने साफ कहा कि कंपनी के पास पायलटों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, “हां, इतना बफर नहीं था जितना शायद होना चाहिए था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि सब कुछ गड़बड़ है। यह स्थिति एक सबक की तरह है, और अब रूट कॉज एनालिसिस करके पता लगाया जाएगा कि किस वजह ने कितना असर डाला। ये एनालिसिस में समय लगेगा, लेकिन इससे सारी बातें साफ हो जाएंगी।”

Also Read: Indigo Crisis: कम नहीं हो रही है मुश्किलें! दिल्ली-मुंबई से 220 से ज्यादा इंडिगो की उड़ानें रद्द, यात्री बेहाल

नई नियमों का असर और क्रू प्लानिंग की चुनौती

दरअसल, ये दिक्कतें नवंबर से शुरू हुई नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) नियमों के दूसरे चरण से जुड़ी हैं। ये नियम 1 नवंबर से लागू हुए, जिनमें पायलटों के लिए रात की लैंडिंग की संख्या कम कर दी गई है। इंडिगो में इन नियमों को लागू करते वक्त क्रू प्लानिंग में कुछ कमी रह गई, जो अब बड़ी वजह बनकर उभरी है। अधिकारी ने माना कि दूसरी एयरलाइंस में ऐसी समस्या कम है क्योंकि उनके पास पायलटों का बेहतर बफर था। लेकिन इंडिगो में भी पायलटों की संख्या ठीक है, बस वो लग्जरी वाला एक्स्ट्रा बफर नहीं था।

उन्होंने ये भी साफ किया कि कंपनी में हायरिंग पर कोई रोक नहीं लगी है। दावा किया जा रहा है कि इंडिगो का लीन ऑपरेटिंग मॉडल इसके लिए जिम्मेदार है, लेकिन अधिकारी ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि कमी की कोई बात नहीं है, और अब सब कुछ स्टेबल करने पर ध्यान है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने भी इस मामले पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पॉर्क्वेरास को शो कॉज नोटिस भेजा है, जिसमें उड़ानों की दिक्कतों पर सफाई मांगी गई है।

अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या ये स्थिति टाली जा सकती थी, तो उन्होंने कहा कि रूट कॉज एनालिसिस के बाद ही प्लानिंग में कोई कमी का पता चलेगा। लेकिन फिलहाल, कंपनी फॉग सीजन के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके पास पर्याप्त विमान और पायलट हैं, और उन्हें विश्वास है कि सर्दियों की धुंध में भी ऑपरेशंस सुचारू रहेंगे। पिछले पांच दिनों की परेशानी से यात्रियों को काफी असुविधा हुई, लेकिन अब धीरे-धीरे चीजें पटरी पर लौट रही हैं। अधिकारी ने जोर दिया कि ये सब मिलकर हुआ है, और अब सुधार पर पूरा जोर है।

कंपनी के लिए ये एक चुनौती भरा समय है, लेकिन वे इसे सीख के तौर पर देख रहे हैं। उड़ानों की संख्या बढ़ रही है, और 10 दिसंबर तक सब कुछ नॉर्मल होने की उम्मीद है। यात्रियों को सलाह है कि वे अपनी उड़ानों की स्टेटस चेक करते रहें, क्योंकि स्थिति दिन-ब-दिन बेहतर हो रही है।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published : December 7, 2025 | 8:05 PM IST