उद्योग

Indigo ने DGCA को दिया भरोसा: 10 फरवरी के बाद कोई फ्लाइट कैंसिल नहीं होगी, पायलटों की कमी हुई दूर

दिसंबर में हुई बड़ी परेशानी के बाद DGCA ने इंडिगो को कुछ नियमों में छूट दी थी, लेकिन अब सब कुछ नॉर्मल ट्रैक पर आ रहा है

Published by
दीपक पटेल   
Last Updated- January 20, 2026 | 10:20 PM IST

इंडिगो एयरलाइन ने अब अपनी उड़ानों को सुचारू रूप से चलाने का भरोसा दिया है। कंपनी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को बताया कि 10 फरवरी के बाद कोई भी फ्लाइट कैंसिल नहीं करेगी। वजह ये है कि अब उसके पास पायलटों की अच्छी-खासी संख्या हो गई है। दिसंबर में हुई बड़ी परेशानी के बाद DGCA ने इंडिगो को कुछ नियमों में छूट दी थी, लेकिन अब सब कुछ नॉर्मल ट्रैक पर आ रहा है।

पिछले महीने की शुरुआत में इंडिगो को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दिसंबर 1 से 9 तक कंपनी ने कुल 4,290 फ्लाइट्स रद्द कर दीं। वजह थी पायलटों की कमी, क्योंकि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू हो गए थे। ये नियम नवंबर में शुरू हुए थे, जो क्रू मेंबर्स के लिए ज्यादा आराम और इंसानी घंटे तय करते हैं। इंडिगो को इन नियमों को लागू करने में दिक्कत आई, क्योंकि उनके पास पर्याप्त पायलट नहीं थे। नतीजा ये हुआ कि ऑपरेशन पूरी तरह बिगड़ गया।

DGCA ने 6 दिसंबर को इंडिगो की मदद के लिए कुछ FDTL नियमों को 10 फरवरी तक के लिए होल्ड पर रख दिया। इससे कंपनी को अपनी व्यवस्था दुरुस्त करने का मौका मिला। अब सोमवार को हुई मीटिंग में इंडिगो ने DGCA को यकीन दिलाया कि सब ठीक है। कंपनी ने कहा कि 10 फरवरी तक उसे 2,280 कैप्टन चाहिए, लेकिन उसके पास 2,400 उपलब्ध हैं। इसी तरह, 2,050 फर्स्ट ऑफिसर की जरूरत है, जबकि 2,240 मौजूद हैं। मतलब, जरूरत से ज्यादा स्टाफ है। DGCA ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि इंडिगो अब स्थिर ऑपरेशन के लिए तैयार है और कोई कैंसिलशन नहीं होगा।

Also Read: इंडिगो के खिलाफ शिकायत पर डीजीसीए ने सीसीआई को सौंपा डेटा

नए FDTL नियमों ने बदली पायलटों की जिंदगी

ये नए नियम जुलाई 2025 में शुरू हुए थे, लेकिन उनका दूसरा फेज नवंबर 2025 में आया। इसमें सात क्लॉज और सख्त हो गए। खासतौर पर सुबह 2 बजे से 6 बजे तक के समय को ‘विंडो ऑफ सर्कैडियन लो’ कहा जाता है, जब थकान सबसे ज्यादा होती है। इस दौरान पायलटों की ड्यूटी और फ्लाइट टाइम पर सख्त सीमाएं हैं। उदाहरण के लिए, ‘नाइट ड्यूटी’ अब पायलट के लोकल टाइम में रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी ड्यूटी को कहते हैं। इस पीरियड में फ्लाइट टाइम ज्यादा से ज्यादा 8 घंटे, कुल ड्यूटी 10 घंटे (फ्लाइट से पहले और बाद के काम मिलाकर), और ज्यादातर मामलों में सिर्फ दो लैंडिंग की इजाजत है।

DGCA ने कहा कि इंडिगो की दिसंबर की दिक्कतें क्रू मैनेजमेंट की गड़बड़ी, कम ऑपरेशनल बफर और सिस्टम की कमजोरियों से हुईं। इनसे FDTL नियमों को लागू करने में परेशानी आई। स्थिति संभालने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने मिलकर 6 से 30 दिसंबर तक अस्थायी छूट दी। साथ ही, इंडिगो के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और बड़े एयरपोर्ट्स पर इंस्पेक्टर और पैसेंजर हेल्प टीम तैनात की गईं।

इस दौरान इंडिगो को रोजाना, हफ्ते में और पंद्रह दिनों में रिपोर्ट देनी पड़ी। इनमें फ्लाइट कैंसिलशन, क्रू की उपलब्धता, स्टैंडबाय इस्तेमाल, पायलटों की संख्या, ट्रेनिंग और हायरिंग प्लान, फ्लीट की स्थिति और सुधार की योजना शामिल थी। DGCA ने कहा कि लगातार निगरानी और इंडिगो के सुधारों से अब ऑपरेशन स्थिर हो गया है। सर्विस की विश्वसनीयता में भी सुधार आया है। अब DGCA इंडिगो पर खास नजर रखेगी, जैसे ड्यूटी रोस्टर की सच्चाई, क्रू की उपलब्धता, बफर की पर्याप्तता, सिस्टम की मजबूती और FDTL नियमों का पालन।

इंडिगो ने अपनी तरफ से कहा कि मौजूदा नेटवर्क के हिसाब से क्रू की ताकत पर्याप्त है। दिसंबर 6, 2025 को दी गई दो FDTL छूट हटने के बाद भी सब ठीक रहेगा। ये खबर यात्रियों के लिए राहत की बात है, क्योंकि दिसंबर की परेशानी से हजारों लोग प्रभावित हुए थे। अब देखना है कि 10 फरवरी के बाद इंडिगो अपने वादे पर कितना खरा उतरती है। 

First Published : January 20, 2026 | 5:55 PM IST