facebookmetapixel
Advertisement
पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दम

Bank Treasury Income: स्थिर यील्ड का बैंकों के लाभ पर पड़ेगा असर

Advertisement

बैंकों की ट्रेजरी आय में तीसरी तिमाही में गिरावट की आशंका, यील्ड स्थिरता बनी वजह

Last Updated- January 06, 2025 | 10:31 PM IST
Bank Treasury Income

चालू वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान बैंकों की ट्रेजरी आय कम रहने की संभावना है, क्योंकि तिमाही के अंत में बेंचमार्क यील्ड में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ है। बाजार के भागीदारों ने कहा कि वित्त वर्ष 2025की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान बैंकों के रेट ट्रेडिंग डेस्क ने अच्छा मुनाफा बनाया लेकिन इसके विपरीत तीसरी तिमाही में इस तरह के लाभ में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है।

वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में सरकार के 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 1 आधार अंक बढ़ी है और यह 6.76 फीसदी पर आ गई। वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में बेंचमार्क यील्ड में 25 आधार अंक की गिरावट आई थी। दरों में कटौती की उम्मीदों के कारण यील्ड में नरमी देखी गई, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड में वृद्धि के कारण यील्ड में पुनः वृद्धि हुई।

बाजार के हिस्सेदारों ने कहा कि लाभ की सीमा काफी हद तक ट्रेड के समय पर निर्भर होती है। यील्ड में गिरावट का जिन ट्रेडर्स ने पहले फायदा उठाया था, वे मुनाफा कमा सकते थे। हालांकि साल के अंत तक यील्ड में गिरावट आने के साथ, खासतौर पर दिसंबर के अंत में, जिन्होंने लंबे समय तक अपनी पोजिशन बनाए रखी, उन्हें मार्क-टू-मार्केट (एमटीएम) लाभ में कमी का सामना करना पड़ा।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘रेट ट्रेडिंग डेस्क को संभवतः उल्लेखनीय लाभ नहीं होगा क्योंकि वहां गतिविधियां सीमित थीं, जिसे लोगों ने संभवतः पकड़ लिया होगा। यह समय पर भी निर्भर है। यील्ड उल्लेखनीय रूप से घटी है, ऐसे में जो पहले ही पोजिशन से निकल गए होंगे,उन्हें कुछ लाभ हुआ होगा लेकिन बाद में यील्ड कम हो गई।’

रेट सेग्मेंट में सुस्त गतिविधि के बावजूद विदेशी मुद्रा विनिमय (एफएक्स) पक्ष ने ट्रेडिंग आय हासिल करने की क्षमता दिखाई। करेंसी बाजारों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखा गया, जिससे बैंकों को सटीक ट्रेडिंग कॉल लेने के अवसर मिले। हालांकि यह आंशिक रूप से ट्रेजरी से कम फायदे की भरपाई कर सकता है, लेकिन अकेले एफएक्स ट्रेडिंग से पिछली तिमाही के लाभ और हानि के अंशदान की भरपाई की संभावना नहीं है।

Advertisement
First Published - January 6, 2025 | 10:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement