इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) ने देश में हवाई अड्डों और नागरिक विमानन अवसंरचना के विकास के लिए 8,800 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए हैं। IIFCL के प्रबंध निदेशक पी आर जयशंकर ने बताया कि सरकार का देश में नागरिक विमानन क्षेत्र को विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है और इस सपने को साकार करने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक IIFCL ने हवाई अड्डा परियोजनाओं के विकास के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये के वितरण के साथ करीब 8,800 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं।’’ उन्होंने बताया कि कंपनी भारत में हवाई अड्डों के प्रमुख निवेशकों में से एक है और उसने करीब 74,000 करोड़ रुपये के कुल परियोजना परिव्यय के साथ हवाई अड्डों का समर्थन किया है।
जयशंकर ने कहा कि देश के करीब सभी प्रमुख हवाई अड्डों के विकास में IIFCL का योगदान है। हवाई अड्डा क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए जयशंकर ने कहा कि यह अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि भारत में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उसके बुनियादी ढांचे की क्षमता बढ़ाना जरूरी हो गया है।
नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 तक पांच वर्षों में नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए करीब 91,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की परिकल्पना की गई है।