हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूती देने के इरादे से अगले 5 वर्षों में समेकित आधार पर 2.5 अरब डॉलर से तीन अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हिंडाल्को के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने सोमवार को कंपनी की 62वीं वार्षिक आम सभा को आभासी रूप से संबोधित करते हुए पूंजी व्यय बढ़ाने की बात कही। इस पूंजीगत व्यय का एक हिस्सा अमेरिका एवं चीन में नॉवेलिस की ऑटो-फिनिशिंग लाइन बढ़ाने में लगाया जाएगा, जबकि कुछ हिस्सा ब्राजील में रिसाइक्लिंग क्षमता बढ़ाने में लगेगा।
बिड़ला ने कहा कि घरेलू बाजार में हिंडाल्को पहले से ही ऑर्गेनिक वृद्धि की राह पर अग्रसर है। उत्कल एल्युमिना के विस्तार और एल्युमीनियम एवं कॉपर दोनों कारोबारों में कई परियोजनाओं पर 1 अरब डॉलर से अधिक राशि लगाने की तैयारी है।
मार्च 2021 को कंपनी का समेकित शुद्ध ऋण एवं एबिटा अनुपात 2.59 गुना पर था जबकि जून 2020 में यह 3.83 गुना के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। बिड़ला ने कहा कि भारत के लिए हमारी रणनीति यह है कि एल्युमीनियम को कीमतों में होने वाली वैश्विकउठापटक के असर से बचाकर रखा जाए। इसके अलावा मूल्य संवद्र्धित उत्पादों की हिस्सेदारी भी बढ़ाने पर जोर है। हिंडाल्को के समेकित एबिटा का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा वैश्विकधातु कीमतों के उतार-चढ़ाव से मुक्त हो चुका है।
इसके साथ ही आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ने पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन (ईएसजी) संबंधित प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट रोडमैप भी तैयार किया है ताकि वर्ष 2050 तक शुद्ध तटस्थता के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने शेयरधारकों को बताया है कि कार्बन तटस्थता की दिशा में जारी उसकी कोशिशों से एल्युमीनियम उत्पादन में विशिष्ट ऊर्जा खपत 17 फीसदी की कमी आई है। कंपनी ने वर्ष 2025 तक ऊर्जा खपत में 25 फीसदी कटौती करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए प्रति इक्विटी शेयर पर तीन रुपये का लाभांश देने की सिफारिश की है।