हिंडाल्को को जिंस कीमतों में तेजी से दम

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 2:02 AM IST

गैर-लौह धातु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंडाल्को ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बाजार की उम्मीदों से कहीं आगे निकलते हुए दमदार प्रदर्शन किया है। तिमाही के दौरान कंपनी एबिटा समेकित स्तर पर 6,790 करोड़ रुपये रहा जो तिमाही आधार पर 16 फीसदी और सालाना आधार पर 188 फीसदी अधिक है। 
तिमाही के दौरान कंपनी का समेकित करोपरांत लाभ तिमाही आधार पर 45 फीसदी और सालाना आधार पर 493 फीसदी बढ़कर 2,787 करोड़ रुपये हो गया। भारतीय कारोबार के लिए कंपनी का एबिटा मार्जिन 37.5 फीसदी पर पिछले 13 साल की ऊंचाई पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व बढ़कर  41,358 करोड़ रुपये हो गया जो पिछली तिमाही में 40,507 करोड़ रुपये और एक साल पहले की समान अवधि में 25,283 करोड़ रुपये रहा था। जून 2018 (जब से समेकित आंकड़े उपलब्ध हैं) तिमाही के बाद तीनों मानदंडों पर कंपनी का प्रदर्शन अब तक का बेहतरीन रहा।

नोवेलिस का तिमाही समायोजित एबिटा सालाना आधार पर 119 फीसदी और तिमाही आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 55.5 करोड़ डॉलर हो गया। तिमाही के दौरान नोवेलिस की शुद्ध परिचालन आय सालाना आधार पर 597 फीसदी और तिमाही आधार पर 1,082 फीसदी बढ़कर 30.3 करोड़ डॉलर हो गई। कंपनी के भारतीय परिचालन ने भी एबिटा और करोपरांत लाभ के मोर्चे पर रिकॉर्ड प्रदर्शन किया।
ऋण बनाम एबिटा अनुपात में सुधार होने से बहीखाते को मजबूती मिली। यह अनुपात जून 2020 में 3.8 गुना की ऊंचाई से सुधरकर 2.36 गुना हो गया। रेटिंग एजेंसियों ने नोवेलिस और हिंडाल्को दोनों के लिए क्रेडिट रेटिंग बढ़ाई है। तिमाही के दौरान सकल ऋण में 16,345 करोड़ रुपये और शुद्ध ऋण में 10,389 करोड़ रुपये की कमी आई।

परिचालन स्थिरता के अलावा वैश्विक स्तर पर धातु की कीमतों में तेजी से भी कंपनी के प्रदर्शन को काफी बल मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एल्युमीनियम की कीमतें कई साल की ऊंचाई पर हैं और तांबा के दाम भी कई साल की ऊंचाई के करीब हैं। तिमाही के दौरान इन दोनों धातुओं की प्रति टन प्राप्तियां अधिक रहीं जबकि शिपमेंट (विशेष तौर पर तांबा और एल्युमीनियम के मूल्यवद्र्धित उत्पादों) और अधिक मूल्य वाले उत्पादों का मेल भी अधिक रहा। उत्कल एल्युमिना के क्षमता विस्तार से वाणिज्यिक उत्पादन दूसरी तिमाही में शुरू होना चाहिए। कंपनी ओडिशा में डाउनस्ट्रीम फ्लैट रोल्ड परियोजना में निवेश कर रही है जहां से उत्पादन 2024-25 में शुरू होगा।
बहरहाल, घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में मांग फिलहाल दमदार रहने की उम्मीद है। हालांकि पहली तिमाही के कमजोर आधार का प्रभाव भी मामूली रहेगा। कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि के दौरान इन दोनों धातुओं की मांग में दो अंकों में वृद्धि दिखनी चाहिए। इसे मुख्य तौर पर वैश्विक वाहन उद्योग में सुधार से रफ्तार मिल सकती है।

वैश्विक महामारी के जारी रहने और उसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बरकरार है। इसके अलावा ईंधन कीमतों में तेजी से भी लागत प्रभावित हो सकती है क्योंकि एल्युमीनियम और तांबा उद्योग में प्रॉसेसिंग के दौरान काफी ईंधन की जरूरत होती है। यदि वैश्विक स्तर पर वृद्धि प्रभावित हुई तो धातु में तेजी का चक्र भावित होगा लेकिन फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं दिख रही है। मुद्रास्फीति बढ़ते से भारत में मांग प्रभावित हो सकती है।
मौजूदा धातु चक्र चालू वित्त वर्ष में दमदार बने रहने की उम्मीद है और संभवत: कैलेंडर वर्ष 2022 तक यही स्थिति रहेगी। ऐसे में हिंडाल्को उस लहर की लगातार सवारी कर सकती है। कीमतें इसी वित्त वर्ष के दौरान कभी भी अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच सकती हैं जिससे कंपनी को जबरदस्त मुनाफा होने के आसार हैं। पिछले साल इस शेयर ने बेंचमार्क सूचकांक को पछाड़ते हुए करीब 150 फीसदी का रिटर्न दिया था। पिछले महीने इसने 15 फीसदी रिटर्न दिया। 

First Published : August 9, 2021 | 1:15 AM IST