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वै​श्विक फुटवियर दिग्गज कंपनियों की नजर तमिलनाडु पर, 4,000 करोड़ का निवेश आने की संभावना

नाइकी, एडिडास, प्यूमा, न्यू बैलेंस और रीबॉक जैसे बिना चमड़े के फुटवियर ब्रांडों को माल देने वाली कंपनियां तमिलनाडु पर विनिर्माण केंद्र के रूप में बड़ा दांव लगा रही हैं।

Last Updated- November 21, 2024 | 10:32 PM IST
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नाइकी, एडिडास, प्यूमा, न्यू बैलेंस और रीबॉक जैसे बिना चमड़े के फुटवियर ब्रांडों को माल देने वाली कंपनियां तमिलनाडु पर विनिर्माण केंद्र के रूप में बड़ा दांव लगा रही हैं। राज्य पहले से ही आपूर्तिकर्ताओं का व्यापक तंत्र तैयार करने में जुटा है जिसके लिए भारत लगभग पूरी तरह से आयात पर निर्भर है।

सूत्रों के अनुसार आधा दर्जन से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ता भारत के आयात प्रतिबंधों और अपनी चाइना प्लस वन रणनीति के तहत राज्य में अपनी इकाइयां लगाने की प्रक्रिया में हैं।

आने वाली इन कंपनियों को कच्चे माल की आपूर्ति का आधार बनाने के लिए कोठारी इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन ने ताइवान, वियतनाम, चीन और पुर्तगाल जैसे देशों से 19 आपूर्तिकर्ताओं को लाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ समझौता किया है। उम्मीद की जा रही है कि इससे 4,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 50,000 नौकरियों पैदा होंगी।

राज्य में वै​​श्विक आपूर्तिकर्ताओं की इस सूची में एक नया नाम ताइवान की कंपनी डीन शूज (लॉन्ग यिन इन्वेस्टमेंट) का है। शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अरियालुर के सिपकोट औद्योगिक पार्क में डीन शूज की नई विनिर्माण इकाई की आधारशिला रखी। 1,000 करोड़ के इस प्रस्तावित निवेश से पिछड़े जिले में 50,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है।

इसके अलावा ब्रांडेड एथलेटिक और कैजुअल फुटवियर की दुनिया में ठेके पर माल बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी पोउ चेन कॉरपोरेशन और एक अन्य प्रमुख कंपनी होंग फू इंडस्ट्रियल ग्रुप इकाइयां स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं।

सूत्र ने संकेत दिया कि जुका, स्पोर्ट्स गियर और ओएसिस फुटवियर भी उन नई विनिर्माताओं में शामिल हैं जिनकी नजरें तमिलनाडु पर हैं। ये कंपनियां लेंथी, शूटाउन (फीनिक्स कोठारी के साथ गठजोड़ में) और अपाचे जैसी मौजूदा विनिर्माताओं के अलावा हैं।

कोठारी इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी (फुटवियर कारोबार) एन मोहन ने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य में कच्चे माल के 19 आपूर्तिकर्ताओं को ला रहे हैं कि इन वैश्विक कंपनियों को चीन और अन्य देशों से कच्चा माल आयात न करना पड़े।’ पिछले साल नवंबर में जेआर वन कोठारी ने शूटाउन के साथ पेरम्बलूर जिले में क्रॉक्स फुटवियर बनाने के लिए एक विनिर्माण संयंत्र शुरू किया था।

वीकेसी ग्रुप के प्रबंध निदेशक वीकेसी रजाक ने कहा, ‘ये कंपनियां मुख्य रूप से चाइना प्लस वन नीति और सरकार द्वारा भारत के बाहर के कारखानों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का प्रमाणन अनिवार्य करने के हालिया नियम की वजह से भारत पर विचार कर रही हैं।’

खबरें थीं कि अरमानी एक्सचेंज, सुपरड्राई, केल्विन क्लाइन, टॉमी हिलफिगर और यूएस पोलो असोसिएशन जैसी कंपनियां बीआईएस नियमों के कारण जूतों का स्थानीय स्टॉक निपटा रही थीं।

First Published - November 21, 2024 | 10:28 PM IST

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